
मुकेश हिंगड़ / उदयपुर. प्रदेश में सरकार बदलने के साथ ही भाजपा नेता व विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया (GULAB CHAND KATARIA) भी बदले-बदले है। शुक्रवार को उदयपुर (UDAIPUR NAGAR NIGAM) नगर निगम की साधारण सभा की बैठक में कटारिया ने अफसरों के कामकाज पर सवाल उठाते हुए कहा कि मेरे ही बोर्ड के खिलाफ मुझे विधानसभा में आवाज उठानी पड़ेगी ऐसा लग रहा है। वे यहीं नहीं रुके और आगे बोले कि इन अफसरों के चक्कर में मत आना और महापौर से बोले कि अपना हाथ काटकर उनके हाथ में मत देना।
नगर निगम की साधारण सभा में एजेंडे पर चर्चा होने के बाद प्रस्ताव पारित किए गए। जब पार्षदों ने अपने वार्डों में स्वीकृत काम नहीं होने के सवाल उठाए तब कटारिया ने नाराजगी जाहिर की। जब अफसरों ने काम रोकने और नहीं करने के कोई तर्क नहीं दे सके तो कटारिया ने कहा कि मुझे लगता है विधानसभा सत्र में अब मेरे ही बोर्ड को लेकर मुझे सवाल करने होंगे तब पता चलेगा। नाराज कटारिया ने इतना तक कहा कि अफसर दादागिरी से काम कर रहे लगता है। जब ठोस अपशिष्ट प्रबंधन उप विधियां उदयपुर 2019 के अनुमोदन की बात आई तो कटारिया ने कहा कि जुर्माना बाद में लगाए पहले जनता को सुविधा तो दे, यही बात पार्षदों ने भी कही। बीच में आयुक्त अंकित कुमार ने कहा कि इसका अनुमोदन कराना है, जुर्माना अभी नहीं लगेगा तो कटारिया ने कहा कि महापौर जी अपना हाथ काटकर अफसरों के हाथ में मत देना, पहले सुविधा व तय मापदंड पूरे हो फिर जनता से जुर्माना वसूले। सदन ने बाद में इस प्रस्ताव पर पुन: विचार करने का निर्णय किया। बैठक में जब सफाई कर्मचारी संघ को पांच लाख रुपए अनुदान राशि देने का प्रस्ताव आया तो पार्षद राजेन्द्र वसीटा ने सवाल खड़े किए, महापौर ने कहा कि नियमानुसार ही राशि दी गई है।
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ये 4 फैसले भी हुए
1. धूलकोट का धूलकोट ही : बैठक में निर्णय किया कि धूलकोट चौराहा का नाम बदलकर पीपा चौराहा रखा गया जिसे निरस्त कर उसे धूलकोट ही रखा जाएगा। पीपा समाज से चर्चा कर किसी अन्य स्थान का नाम पीपाजी के नाम करेंगे।
2. वाल्मीकि समाज के सामुहिक विवाह में राशि : बोर्ड ने तय किया कि वाल्मीकी समाज के पंजीकृत संस्था से कम से कम दस जोड़ों के सामूहिक विवाह होने पर निगम प्रति जोड़ा 11 हजार रुपए राशि अपनी तरफ से देगा।
3. हाथीपोल थाने के हैरिटेज का संरक्षण होगा : हाथीपोल थाने के बाहर की इमारत जो ऐतिहासिक हैरिटेज है उसको सुरक्षित रखते हुए उसका जीर्णोद्वार किया जाए। इसके लिए रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
4. भट्ट जी की बाड़ी से अंडरपास : भट्ट जी की बाड़ी से बंशी पान की तरफ एक अंडरपास बनाने का प्रस्ताव भी सदस्य केसर सिंह ने रखा ताकि इस रोड से रेजीडेंसी की छात्राएं और रजिस्ट्री कराने वाले आसानी से निकल सके, मेयर ने सर्वे की बात कही।
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जो पार्षद सीवरेज का काम नहीं चाहते लिखकर दे
सीवरेज के काम में लोगों को हो रही असुविधाओं को लेकर पार्षदों ने विरोध प्रकट किया तो कटारिया बोले कि जो पार्षद अपने वार्ड में सीवरेज का काम नहीं चाहते है वे लिखकर दे ताकि वहां काम बंद करवा दे, बाद में नया पार्षद आएगा तब कराएंगे। बीच में पार्षद नजमा ने कहा कि काम करने का प्रबंधन तो सही हो।
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वाटिकाओं पर सरकार विचार करें
वाटिका संचालन के लिए सडक़ सीमा के नियमों के मुद्दे पर चर्चा हुई। पार्षद सिद्धार्थ शर्मा, ओम प्रकाश चित्तौड़ा, पारस सिंघवी, जगत नागदा, नजमा मेवाफरोश ने अपनी बात रखी। कटारिया ने तर्क दिया कि नियमों को लेकर कहा कि जयपुर की आबादी और उदयपुर की आधी में बहुत फर्क है ऐसे में नियम भी उसी अनुसार होने चाहिए, उन्होंने कहा कि वाटिकाओं में पार्किंग के प्रबंध जरूर हो, अवैध वाटिकाएं चलाने वालों से हमे पैसा भी नहीं मिल रहा और वे मजे भी कर रहे है। पार्षद नजमा ने कहा कि वार्ड 4 में नजरबाग रेस्टोरेंट के नाम से लाइसेंस दे रखा है जबकि वहां मांगलिक आयोजन हो रहे है।
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बोलते-बोलते बता दी हकीकत
– ओम प्रकाश चित्तौड़ा : शास्ति कैसे ले पहले हम डेयरियों को बाहर करें, गीला-सूखा कचरा लेने में दस प्रतिशत काम भी नहीं किया है हमने।
– अतुल चंडालिया : अखबारों में गंदे नालों की तस्वीर छप रही है, हम बार-बार बारिश से पहले बोल रहे है लेकिन अफसरों को कोई लेना देना नहीं है। सीवरेज के काम में मनमर्जी से सडक़ें खोद रहे है।
– नजमा मेवाफरोश : पूरा शहर आवारा श्वानों से परेशान है, हम पार्षदों का भी इन श्वानों से परेशानी हो रही है। पार्षद केसर सिंह ने कहा सुप्रीम कोर्ट की कॉपी हमे दे दीजिए ताकि श्वानों की शिकायत लेकर आने वाली जनता को बता दे मजबूरी।
– आशा बोर्दिया : सीवरेज के काम के बाद हिरणमगरी क्षेत्र में सीवरेज के काम के बाद जो पेवर किया वह दो दिन में ही क्षतिग्रस्त हो गया।
– आभा आमेटा : मेरे वार्ड में भूमाफिया नाले को तोडक़र पाइप डाल रहे है।
– वेणीराम सालवी : सात करोड़ की दान में निगम को जमीन दी और वहां सामुदायिक केन्द्र का काम बंद पड़ा है, इंजीनियर बोले कि कलक्टर ने काम बंद कराया है इसलिए आयुक्त ने काम रुकवा दिया। कटारिया ने कारण पूछा अफसर कोई तर्क नहीं दे सके। कटारिया बोले की कलक्टर ने कुछ पूछा तो जवाब तो दीजिए। कटारिया ने कहा कि कोई काम रुकवा रहा है, कोई अधिकृत कागज नहीं है फिर भी हम काम रोक रहे है, लगता है आप लोग दादागिरी से काम कर रहे है।
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20 जून के बाद नहीं खुदेगी सडक़ें
डीएलबी ने एक आदेश जारी कर कहा कि 20 जून के बाद से शहर में पानी, बिजली या केबल डालने को लेकर सडक़ों पर खुदाई नहीं की जाएगी।