28 जून 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

हे भगवान! तेरा ही सहारा, मशीनों से मकान में डाल दी दरारें, कोई नहीं सुन रहा

हे भगवान! तेरा ही सहारा, मशीनों से मकान में डाल दी दरारें, कोई नहीं सुन रहा
less than 1 minute read
Google source verification
हे भगवान! तेरा ही सहारा, मशीनों से मकान में डाल दी दरारें, कोई नहीं सुन रहा

हे भगवान! तेरा ही सहारा, मशीनों से मकान में डाल दी दरारें, कोई नहीं सुन रहा

मोहम्मद इलियास/उदयपुर
हे भगवान! पाई-पाई जोडक़र आशियाना खड़ा किया। एक माह पहले सीवरेज लाइन में सडक़ खुदाई के दौरान ठेकेदार के कार्मिकों की ओर से चलाई गई भारी भरकम मशीनों से पूरा मकान तडक़ गया। दीवारें फट गई, मकान का एक तरफ का हिस्सा धंस गया, इससे दीवारों व पीलर के बीच जगह हो गई। यह दृश्य देख मेरी तो आंखें फटी की फटी रह गई। मौके पर ही काम करने वाले ठेकेदार व कार्मिकों को बोला तो उन्होने अपशब्द बोल चुप करा दिया।
यह कहना था ७५ वर्षीय भटियानी चौहट आशापाल की गली निवासी रेवाशंकर नागदा का। उन्होंने बताया कि मकान तडक़ने पर बुजुर्गी हालत में भी जैसे तैसे नगर निगम पहुंचा। वहां पर अधिकारियों के साथ ही उपमहापौर को बताया। उनके कहने पर स्मार्ट सिटी अधिकारियों को जानकारी दी और फोटो भी बताए लेकिन अभी तक किसी ने ध्यान नहीं दिया। बारिश में दिनों में अभी बादलों की गर्जना के साथ ही वह बार-बार बाहर आ जा रहा है। उनका कहना है कि चारों तरफ से मकान तडक़ने से डर हो गया कि कहीं वह गिर न जाए।
--
बेटा मणिपुर में पोस्टेड, अकेला रहता है बुजुर्ग
वृद्ध रेवाशंकर का कहना है कि उनका पुत्र सीआईएसएफ में सीआई है। वह मणिपुर में तैनात है। उसका परिवार सीसारमा में अलग रहता है। वह यहां पर अकेला ही जीवन यापन करता है। मकान में दो कमरों को उसने किराए दे रखा है, इसी किराए से उसका गुजर बसर चलता है। बेटा बाहर होने से वह बिल्कुल असहाय है। उसका कहना है कि एक माह से वह सिर्फ चक्कर काट रहा है लेकिन उसे अब तक राहत नहीं मिल पाई।
--