
Video : दाता के दरबार में भक्तों की हाजरी, भजनों में गूंजे जन्मोत्सव के बधावे
उदयपुर. लोकदेवता सगसजी बावजी का जन्मोत्सव शुक्रवार को मनाया गया। इस अवसर पर शहर के विभिन्न स्थानकों, मंदिरों में अलसुबह से देर रात तक भक्तों का तांता लगा रहा। सगसजी बावजी के साथ ही अन्य देवी-देवताओं के जयकारें गूंजे। कई मंदिरों पर मेले जैसा माहौल रहा।
सर्वऋतु विलास िस्थत सगसजी मंदिर में अलसुबह से भक्तों के पहुंचने का क्रम शुरू हो गया। यहां पुलिसकर्मियों के साथ ही श्रद्धालुओं ने व्यवस्थाएं देखी। दर्शन करने आने वाले लोगों को व्यविस्थत कतार लगाकर दर्शन करवाए गए। कई भक्तों ने अपने आराध्य सगसजी को अलग-अलग सामग्रियों और व्यंजनों के भोग लगाए। कुछ ने मावे का केक तो कुछ ने चोकलेट चढ़ाकर वितरित की। दर्शन के बाद बाहर भी कई काउंटर लगाए गए। इनमें श्रद्धालुओं को ज्यूस, खीर, कॉल्डड्रींक, छाछ, पकौड़े, आलूबड़े, फल, फलाहारी आदि वितरित किए गए। इसके साथ ही पास ही हॉल में प्रसादी का आयोजन भी चलता रहा। मंदिर के अंदर एक भक्त की ओर से बावजी की चांदी की तस्वीर भी श्रद्धालुओं को वितरित की गई। यहां दिनभर मेले जैसा माहौल रहा। शाम छह बजे बाद कतार लगातार बढ़ती रही। जो रात 8 बजे बाद सूरजपोल तक पहुंच गई।
यहां हुए आयोजन
शहर के कंवरपदा, कुम्हारों का भट्टा, मामाजी की हवेली, पिछोली, करजाली हाउस, वारियों की घाटी, उदियापोल, महासतिया, वारियों की पोल, नाइयों की तलाई सहित अन्य सगसजी के स्थानकों पर विशेष धार्मिक आयोजन हुए।
जोगपोल में तीन दिवसीय आयोजन
मंडी की नाल िस्थत जोगपोल में कल्लाजी और सगसजी बावजी के जन्मोत्सव को लेकर तीन दिवसीय आयोजन हुआ। शुक्रवार को सगसजी बावजी सरदार सिंहजी का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। महन्त मिठ्ठालाल चित्तौड़ा एवं सुशील चित्तौड़ा के मार्गदर्शन में विविध धार्मिक अनुष्ठान हुए। जन्मोत्सव को लेकर गुरुवार रात को ही सगस जी बावजी को विशेष शाही श्रृंगार धराया गया। शुक्रवार को जन्मोत्सव दर्शन सुबह 4.45 बजे से शुरू हुए जो रात भर चले। रात 12.15 बजे बावजी की महाआरती हुई। सुबह गादी पूजन के साथ ही बावजी की भव्य आरती की गई। बावजी को 56 प्रकार के व्यंजन का भोग धराया गया। दोपहर 1 बजे दाता के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में 87 किलो का केक काटा गया। इसी प्रकार गुलाबबाग बावड़ी में सगसजी अुर्जनसिंहजी के स्थानक पर सुबह 9 बजे हवन, ध्वजारोहण, भोग आरती के आयोजन हुए। यहां दिनभर श्रद्धालुओं की भीड़ रही। पुजारी ललित श्रीमाली ने बताया कि बावजी के जन्मोत्सव पर धराए गए श्रृंगार के दर्शन शनिवार को भी होंगे।
राजशाही श्रृंगार से मोहपाश में बंधे भक्त
सगसजी के स्थानकों पर एक से बढ़कर एक राजशाही श्रृंगार धराया गया। सर्वऋतु विलास में बावजी को मोरपंख और स्वर्ण आंगी का श्रृंगार धराने के साथ ही मोर पर विराजित किया गया। कहीं बावजी का सिंहासन पर तो कहीं आराम की मुद्रा में बैठे हुए दर्शाया गया। बावजी को स्वर्ण-रजत वर्क, डंक, इमली, चन्द्रमा, ढाल, तलवार, मोठड़ा, आमली-चन्द्रमा, स्वर्ण व रजत जड़ित कण्ठला, स्वर्ण बादला, छत्र-चंवर, बन्दुक, मोर पंखी आदि धारण करवाए गए। बावजी की श्रृंगारित प्रतिमाओं को देख भक्त मंत्रमुग्ध होकर उन्हें ही निहारते रहे।
Published on:
25 Aug 2023 10:34 pm
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