
Watch : दो पैसे से डेढ़ लाख रुपए तक दी जा रही है एन्यूटी
धीरेंद्र् कुमार जोशी/उदयपुर. जागीर पुनग्र्रहण अधिनियम के तहत प्रदेश के 48 हजार से अधिक मंदिरों को वार्षिकी (एन्यूटी) दी जाती है। इन मंदिरों में सर्वाधिक राशि नाथद्वारा के श्रीनाथ जागीर को दी जाती है। कई ऐसी जागीरें हैं, जिन्हें वार्षिकी के रूप में दो पैसे ही मिल रहे हैं।
उदयपुर संभाग के कुल 7295 जागीर को वार्षिकी देने का प्रावधान है। यह वार्षिकी जागीर कमिश्नर के माध्यम से प्रदान की जाती है। मंदिरों की एन्यूटी के मामले में पूरे प्रदेश में नाथद्वारा का श्रीनाथजी मंदिर सबसे आगे हैं। इस मंदिर को 1 लाख 43 हजार 689 रुपए की एन्यूटी दी जाती है। इसी प्रकार कांकरोली के द्वारकाधीश जागीर को 37 हजार 572 रुपए एन्यूटी दी जाती है।
संभाग की कई जागीरों को 2, 4, 5 पैसे तक की एन्यूटी भी दी जाती है। इनमें वल्लभनगर सियाखेड़ी की चावंडा माता जागीर को 4 पैसा, वल्लभनगर की वानिया तलाई श्री खाकलदेव धर्मनारायणजी को 5 पैसा, वल्लभनगर के गुंदाला भैरूजी को 5 पैसा, कुंभलगढ़ के बगुंद के श्री भैरूजी को मात्र 2 पैसा एन्यूटी दी जाती है।
कई जागीरे नहीं उठाती एन्यूटी
अधिकांश जागीरों की वार्षिकी इतनी कम है कि उनकी एन्यूटी उठाई ही नहीं जाती। वर्ष 2017-18 में ही 15 लाख की स्वीकृत राशि के मुकाबले मात्र 7.38 लाख रुपए ही वितरित किए जा सके। इसी प्रकार अधिकांशत: एन्यूटी की राशि पड़ी ही रह जाती है।
लेने का प्रोसेज है लंबा
एन्यूटी की राशि लेने के लिए स्थानीय निकाय से सर्टिफिकेट लेने के साथ ही शपथ पत्र आदि कई प्रकार की औपचारिकताएं पूरी करनी होती है। इतनी कम राशि के लिए कोई भी व्यक्ति या संस्थान इससे बचती है। ऐसे में अधिकांश जागीरें यह राशि नहीं उठाती।
संभाग में कहां-कितनी जागीरे
जिला ... वार्षिकी वाली जागीरे
बांसवाड़ा ... 304
चित्तौडगढ़़ ... 2815
डूंगरपुर ... 224
प्रतापगढ़ ... 759
राजसमंद ... 1097
उदयपुर ... 2096
जागीरों के लिए जारी राशि
वर्ष ... स्वीकृत राशि ... वितरित राशि
2015-16 ... 50 ... 7.67
2016-17 ... 30 ... 2.58
2017-18 ... 15 ... 7.38
2018-19 ... 15 ... 2.56
(31 दिसंबर 2018 तक)
(राशि लाखों में)
Published on:
20 Oct 2019 10:26 pm
