
आवारा कुत्तों (photo-patrika)
उदयपुर: शहर के गौतम विहार कॉलोनी में तीन कुत्तों द्वारा मासूम को नोंचने की घटना के बाद नगर निगम और एनिमल एड संस्था हरकत में आई। संस्था की टीम ने सोमवार को मौके पर पहुंचकर तीनों कुत्तों को पकड़ा। घटना के बाद कई इलाकों में दहशत फैल गई।
बता दें कि लोगों ने उनके इलाकों में आक्रमक हो रहे कई कुत्तों की जानकारी सोशल मीडिया पर पोस्ट की। सेक्टर-4 न्यू विद्यानगर क्षेत्र में तो बीएसएनएल के अभियंता ने छह दिन पहले हुआ घटनाक्रम बताते हुए फोटो वायरल किए। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे गली-मोहल्लों में बच्चों और बुजुर्गों को अकेले न जाने दें।
इधर, पत्रिका में खबर प्रकाशित होने के बाद जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने संज्ञान लेते हुए निगम आयुक्त से अब तक चलाए गए अभियान, खर्च और कुत्तों को पकड़ने के ठेकों का पूरा ब्योरा मांगा है। गौरतलब है कि न्यू आरटीओ रोड स्थित गौतम विहार कॉलोनी में रविवार को तीन कुत्तों ने दिनेश साहू के पांच वर्षीय पुत्र गौरांश साहू को नोंच लिया था।
गौतम विहार कॉलोनी में डाग बाइट की घटना के बाद कई इलाकों में दहशत का माहौल हो गया। घटना स्थल वाली कॉलोनी में तो कोई बच्चा घर से भी नहीं निकला। दोपहर को एनिमल एड की टीम ने मौके पर पहुंचकर तीनों कुत्तों को पकड़ा।
टीम के सदस्यों का कहना था कि इन कुत्तों का टीकाकरण और नसबंदी की जाएगी। ऐसा करने से इनकी जनसंख्या नियंत्रित होती है तथा आक्रामक स्वभाव खत्म हो जाता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे किसी भी कुत्ते को छेड़ें नहीं और न ही परेशान करें। अब तक एनिमल एड की ओर से 9500 कुत्तों की नसबंदी की जा चुकी है।
शहर में लगातार कुत्तों की ओर से लोगों को नोंचने की घटना के बाद जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने संज्ञान लेते हुए निगम आयुक्त से जवाब मांगा है। प्राधिकरण के सचिव को लिखा कि यह अति गंभीर विषय है। पर्यटन नगरी में छोटे बच्चों, महिलाओं, वृद्धजनों व अन्य को लगातार कुत्ते नोंच रहे हैं।
जिम्मेदार अधिकारी और एनजीओ केवल मात्र कागजों में आंकड़े दर्शा रहे हैं। इस संबंध में प्राधिकरण की ओर से पूर्व में राज्य मानवाधिकार आयोग के समक्ष परिवाद भी दर्ज करवाया है, जो लंबित है।
सड़कों पर घूमने वाले इन कुत्तों ने 12 अगस्त को हिरणमगरी सेक्टर-4 स्थित न्यू विद्यानगर कॉलोनी में बीएसएनएल के उपमंडल अभियंता विशाल कुमार शर्मा व उनके पालतू कुत्ते को नोंच दिया था। अभियंता शर्मा ने बताया कि वह कृष्णागन अपार्टमेंट में अपने फ्लेट से बाहर पालतू कुत्ते को घूमाने करीब 6.45 बजे बाहर निकले थे। अपार्टमेंट के पास ही वह अपने पालतू कुत्ते के गले में बंधा पट्टा टाइट कर रहे थे तभी एक साथ पांच कुत्तों ने हमला कर दिया।
मौके पर छुड़वाने के दौरान हड़बड़ाहट में अभियंता शर्मा नीचे गिर गए तो कुत्तों ने उन पर फिर अटैक किया तभी पास ही जा रहे व्यक्ति ने पत्थर मारकर कुत्तों को दूर किया। शर्मा के हाथ, पांव पर कुत्तों के काटने के अलावा गिरने से शरीर पर चोटें आई तथा पालतू कुत्ते के भी जख्म हो गए।
शहर में बढ़ती कुत्तों की संख्या व उनके काटने की घटनाओं के बाद कई बार शहरवासियों ने शिकायतें की। वहीं, निगम बोर्ड की बैठकों में भी आवाज उठी। लेकिन निगम ने कभी इनके समाधान पर काम नहीं किया। दिखावे के लिए निगम ने सिर्फ एक निजी संस्था को इनकी नसबंदी का काम सौंप दिया। निगम ने इन्हें अपने स्तर पर पकड़ने व शेल्टर व्यवस्था नहीं की।
प्राधिकरण सचिव ने आयुक्त से कुत्तों को पकड़ने के लिए किए गए प्रयास पर लिखित में कई बिन्दुओं पर जवाब मांगा है। जो इस प्रकार हैं…
-अब तक चलाए अभियान व खर्च
-1 जनवरी 2023 से अब तक किन-किन फर्म/संस्थाओं को डॉग कंट्रोल के ठेके दिए।
-शिकायतों की संख्या व निराकरण
-नसबंदी पर कुल खर्च
-जनवरी 2023 से मार्च 2024 के 15 में 13068 डॉग बाइट के केस
-अप्रैल 2024 से अगस्त 2025 के 19 माह में 7866 केस
(ये आंकड़े केवल एमबी चिकित्सालय के हैं)
Published on:
19 Aug 2025 12:01 pm
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