सपनों की सीसी सड़क के किनारों पर 'जोखिम से घिरी जिंदगी

udaipur road network सीसी सड़क निर्माण कार्य के बाद किनारे की पटरियां भरना भूली एजेंसी, पांच किलोमीटर लंबे सड़क मार्ग पर एक भी स्पीड ब्रेकर नहीं, 100 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ रहे वाहन

उदयपुर/ मेनार. udaipur road network कस्बे से होकर गुजरते भींडर-फतहनगर मुख्यमार्ग पर सीसी सड़क निर्माण के बाद किनारों पर खाली छोड़ी गई पटरियां वाहन सवारों की जिंदगी से खुला खिलवाड़ कर रही है। अमरपुरा खालसा चौराहे से हाई-वे पकड़कर जल्दी गुजरने वाले वाहन सवार इन पटरियों से धोखा खाकर जिंदगी से खेल रहे हैं। दुपहिया सवारों का यहां किनारों पर गिरना आम है, लेकिन आए दिन जिंदगी और मौत के बीच हो रहे खेल को लेकर जिम्मेदारों ने आंखों पर पट्टी बांध रखी है। हाई-वे के शॉर्टकट के तौर पर इस्तेमाल हो रही सड़क पर करीब 5 किलोमीटर का टुकड़ा सीमेंटेड है। सड़क की सहूलियत देने वाली निर्माण एजेंसी ने जिम्मेदारी पूरी करने से पहले ही कार्य को विराम दे दिया। इसके चलते किनारों की सड़क पटरियां खाली रह गई। ऐसे में किसी वाहन को ओवरटेक करते समय या फिर साइड देने के दौरान वाहन सवार इन पटरियों से झूलते हुए दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। एक औसत के हिसाब से इस मार्ग पर प्रतिदिन करीब 30 बसें और ढेरों चौपहिया एवं दुपहिया वाहनों का गुजरना होता है। इसके अलावा स्कूली बसें भी इसी मार्ग से होकर गुजरती हैं। आए दिन हो रही घटनाओं के बीच पत्रिका के इस संवाददाता ने खामियों की सुध ली तो देखने में आया कि 5 किलोमीटर लंबे सीसी मार्ग पर कहीं पर भी एहतियात के तौर पर स्पीड ब्रेकर नहीं है। ऐसे में अधिकांश वाहन औसत 100 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से यहां होकर गुजरते हैं। आए दिन की समस्याओं से सीख लेते हुए ग्रामीणों ने जिम्मेदार महकमे के प्रतिनिधियों से मार्ग पर स्पीड ब्रेकर लगाने की मांग की है।

बारिश ने बिगाड़ा 'खेल
हकीकत है कि मेनार कस्बे को जोडऩे वाले मुख्य मार्ग पर सीसी सड़क के निर्माण के साथ ही जिम्मेदार निर्माण एजेंसी की ओर से पटरियां भरी गई थी, लेकिन अतिवृष्टि वाली बरसात के दौरान बहुतायत में पटरियों की मिट्टी बहकर आगे बढ़ गई तो शेष बची मिट्टी नीचे अंतराल में चिपककर बैठ गई। ऐसे में सीमेंटेड सड़क के नुकीले किनारों पर दुपहिया और चौपहिया वाहनों का लडखड़़ाना अब आम हो रहा है। कई बार तो दुपहिया वाहनों के टायर फटने जैसी घटनाएं भी यहां हो रही है।

इन जगहों पर गति का संकट
स्थानीय ग्रामीणों के अलावा सड़क के जानकारों की मानें तो सड़क के कुल हिस्से में करीब डेढ़ किलोमीटर आबादी हिस्सा है। ऐसे में मुख्य चौराहे एवं शिक्षण संस्थानों के बाहर गति अवरोधक लगाने की मांग उठ रही है। इसके अलावा कस्बे के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, बालिका विद्यालय मार्ग, श्मशान मार्ग चौराहा, समिति मार्ग, पीपली बस स्टैंड व उच्च माध्यमिक विद्यालय के समीप गति अवरोधक की आवश्यकता महसूस हो रही है। हालांकि, रोड कांग्रेस का कायदा कहता है कि राजमार्ग पर कम से कम अवरोधक का इस्तेमाल होना चाहिए।

लिख चुके पत्र
मेनार डाक बंगला से अमरपुरा सड़क मार्ग के बीच आबादी क्षेत्र के मुख्य चौराहों पर स्पीड ब्रेकर लगाने की मांग को लेकर पीडब्ल्यूडी के जिम्मेदारों को खत लिखे हैं। वहीं किनारों की पटरियां भरकर समतल करने की मांग की है।
शंकरलाल मेनारिया, उपसरपंच, ग्राम पंचायत मेनार

एक सप्ताह का मौका
मैंने स्वयं ने संबंधित मौके देखे हैं। एक सप्ताह में आवश्यक जगहों पर स्पीड ब्रेकर लगा दिए जाएंगे। udaipur road network ठेकेदार को सड़क किनारे पटरी भरकर समतलीकरण के लिए बोल दिया गया है।
अंचल गुप्ता, सहायक अभियंता, पीडब्ल्यूडी वल्लभनगर

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Sushil Kumar Singh Photographer
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