
इस सड़क पर चलना 'लोहे के चने चबाने जैसा
उदयपुर/ वाना. पेवरीकरण के नाम पर 8 माह पहले खोदी गई वाना से बरोडिय़ा व बासड़ा सड़क की खस्ताहाली वाहन सवारों को 'लोहे के चने चबाने जैसी महसूस हो रही है। पेच वर्क के नाम पर पुरानी सड़क खोदकर डाली गई गिट्टी पर वाहन चलाना लोगों के लिए दूभर हो रहा है। विशेष तौर पर दुपहिया वाहन सवार इस चुनौती से जूझ रहे हैं। दूसरी ओर वाहनों के पहियों के साथ उडऩे वाली धूल भी लोगों को सीधे प्रभावित कर रही है। चिंता इस बात की है कि गिट्टी डालने के बाद से जिम्मेदारी एजेंसी कार्य स्थल से लापता है। सब कुछ दिखते हुए भी स्थानीय लोक निर्माण विभाग उसकी जिम्मेदारी को लेकर उदासीन बना हुआ है। गौरतलब है कि करीब 10 माह पूर्व विभाग स्तर आमंत्रित निविदा प्रक्रिया के तहत दोनों सड़कों के टुकड़ों पर पेच कार्य निकालने के लिए निजी एजेंसी को कार्यादेश जारी हुआ था। वाहन अनियंत्रित, लोग चोटिलखस्ताहाल मार्ग पर आए दिन दुपहिया सवारों के गिरने की घटनाएं हो रही हैं। गति के साथ आगे बढ़ता दुपहिया गिट्टी पर पहुंचते ही अनियंत्रित होकर लोगों को गिरा रहा है। दूसरी ओर चौपहिया वाहन भी गिट्टी में गति के साथ फिसलन कर रहा है। बीते दिनों हुई दुर्घटना में घायल दुपहिया सवार बरोडिय़ा निवासी संजयसिंह को उदयपुर चिकित्सालय के आईसीयू में 5 दिन बिताने पड़े थे। इधर, नजदीक आते मानसून के बीच हालात और गंभीर बनते दिखाई दे रहे हैं।
केवल एक माह लगेगा
वाना से बासड़ा रोड पर डामरीकरण कार्य महज एक माह में पूरा हो जाएगा। वाना से बरोडिय़ा रोड स्टेट रोड फंड में शामिल है। फिलहाल इसके लिए बजट नहीं है। बजट मिलते ही अधूरा कार्य पूरा होगा।
अरङ्क्षवद जोशी, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी
Published on:
05 Jun 2019 06:00 am
