
राकेश शर्मा राजदीप /उदयपुर. रोटरी क्लब वसुधा और सूर्यांश क्लब की ओर से सेंट्रल जेल में चलाए जा रहे साक्षरता मिशन अभियान के तहत शुक्रवार को विश्व साक्षरता दिवस की पूर्व संध्या पर एक कार्यक्रम आयोजित हुआ। जिसमें क्लब सदस्याओं ने एक ओर जहां निरक्षर महिला बंदियों को लिखने-पढऩे के फायदे बताए वहीं दूसरी ओर नव साक्षर महिला बंदियों की प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा भी की। इस मौके पर रोटरी के असिस्टेंट गर्वनर (जोन 27) विनोद गर्ग सहित राजकुमारी गांधी, सविता मोहिन्द्रा, रूबीना परवेज सहित अन्य सदस्याएं मौजूद थीं।
सूर्यांश क्लब अध्यक्ष संध्या भट्ट ने बताया कि विगत दो माह से सेंट्रल जेल में प्रत्येक सप्ताह दो सदस्याएं कई निरक्षर महिला बंदियों को पढ़ाने-लिखाने के प्रति जागरूक करने के अलावा कम पढ़ी-लिखी अथवा बरसों पूर्व पढ़ाई से विमुख हो चुकी कैदियों को ओपन यूनिवर्सिटी से सीनियर सैकण्डरी परीक्षा देने के लिए तैयार कर रही हैं। इसके लिए उन्होंने रोटरी वसुधा संग मिलकर खाली समय में इनकी अभिरुचियों को जागृत करने तथा साक्षर करने का जिम्मा उठाया। इसके लिए जेल संगिनी सपना चौबीसा के दिशा निर्देशन में 21 महिला बंदियों ने पढ़ाई-लिखाई शुरू की उनमें से इस सत्र में 9 बंदी कक्षा 12वीं कॉमर्स की परीक्षा देंगी। इनमें मीनाक्षी, लीला, कमला, देवलता , मंजू और रेखा को पढ़ाई से नाता तोड़े 15 से 25 बरस हो चुकने के बावजूद वे सभी प्रोत्साहन पाकर परीक्षा के तैयारी में जुटी हुई हैं। रोटरी वसुधा की अध्यक्ष शकुन्तला पोरवाल ने बताया कि इससे पूर्व इन सभी महिला बंदियों को क्लब की ओर से जेल-प्रशासन की गाइड लाइन मुताबिक नि:शुल्क किताबें, कॉपियां, पेन-पेंसिल, चार्ट और ब्लैक बोर्ड मुहैया कराए गए।