
पत्रिका फोटो
उदयपुर शहर के प्रतापनगर-बलीचा बायपास पर तीन दिन पहले धराशायी निर्माणाधीन पुलिया के कारण घायल हुए युवक की मौत हो गई। हादसे के वक्त युवक पुलिया के नीचे से गुजर रहा था। यूडीए के अधीन निर्माणाधीन पुलिया के गिरने से निर्माण की गुणवत्ता पर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं।
इधर, युवक की मौत से आक्रोशित परिजन मुआवजे पर अड़े रहे। बाद में 16 लाख रुपए मुआवजा और पत्नी को संविदा पर नौकरी दिलाना तय हुआ। उदयपुर के प्रतापनगर-बलीचा बायपास पर नवनीत मोटर्स के पास भारती कंस्ट्रक्शन की ओर से पुलिया का निर्माण किया जा रहा था।
शुक्रवार रात को पुलिया का हिस्सा भरभरा कर गिर गया। हादसे में बेड़वास निवासी श्यामलाल (30) पुत्र गोवर्धनलाल मेघवाल मलबे में दबकर गंभीर रूप से घायल हो गया। वह एक निजी ड्रग कंपनी में काम करता था और ड्यूटी पर जाने के लिए घर से निकला था।
गंभीर घायल होने की स्थिति में उसे तीन दिन बाद भी होश नहीं आ पाया और उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। प्रतापनगर थाना पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंपा। प्रतापनगर थाना पुलिस ने दो दिन पहले ही भारती कंस्ट्रक्शन के खिलाफ लापरवाही से निर्माण का मामला दर्ज किया था।
युवक की मौत के बाद परिजन मुआवजे व सरकारी नौकरी की मांग पर अड़ गए। मृतक के परिजन और समाज के लोग एमबी हॉस्पिटल पहुंचे। परिजनों को 50 लाख रुपए मुआवजा, परिजन को सरकारी नौकरी और कंपनी के खिलाफ फास्ट ट्रेक में मामला चलाने की मांग की।
मोर्चरी मेें भीड़ बढ़ती देखकर हाथीपोल थाने से पुलिस बल पहुंचा। विधायक फूलसिंह मीणा, कांग्रेस शहर जिलाध्यक्ष फतहसिंह राठौड़ भी पहुंचे। पुलिस-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने समझाइश की। परिजनों को 16 लाख रुपए देना तय किया, जिसमें 11 लाख ठेका कंपनी और 5 लाख चिरंजीवी योजना के तहत दिए जाएंगे। मृतक की पत्नी को यूडीए में संविदा पर नौकरी देना तय किया।
Updated on:
17 Dec 2024 02:17 pm
Published on:
17 Dec 2024 02:14 pm
बड़ी खबरें
View Allउदयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
