
विदेश में दोस्त की मौत पर युवाओं ने पेश की मिसाल
मेनार . दक्षिण अफ्रीका में कार्यरत गंाव के महेश मेनारिया की दिल का दौरा पडऩे से मृत्यु पर उसके परिवार पर दु:खों का पहाड़ सा टूट पड़ा। वहां शव को भारत लाना जाटिल और खर्चीला था। परिवार की वेदना एवं मुश्किल को देखते हुए मेनार में उसके युवा साथियों ने व्हाट्सएप जस्ट ए लिटिल हेल्प नामक ग्रुप बनाकर 7 दिनों में एक लाख 51 हजार रुपए एकत्र कर महेश के परिजनों को मदद की।
मेनार के युवाओं ने व्हाट्सएप ग्रुप में मित्रों को जोड़ते हुए महेश के परिजनों के लिए आर्थिक सहयोग की अपील की। फिर क्या था किसी ने 500 तो किसी ने 1000 रुपए की राशि देने की पेशकश की। करीब 161 साथियों से प्राप्त एक लाख 51 हजार रुपए का चेक शोक संतप्त महेश के किसान पिता विजय शंकर मेरावत को सौंपते हुए दु:ख में सम्बल देने का अनोखा प्रयास किया। इस दौरान नारायण उदावत, कमलेश गदावत, पुष्कर मेरावत, ओंकार लाल मेरावत, रमेश जोशी , प्रेम मेरावत, मांगी लाल मेनारिया, विशाल मेनारिया, गणपत मेनारिया उपस्थित थे।
परिवार में इकलौता था महेश
महेश उसके परिवार में इकलौता बेटा था। उसने 10वीं कक्षा की परीक्षा देने के बाद महज 20 साल की उम्र में दक्षिण अफ्रीका में नौकरी शुरू की। धीरे-धीरे करते हुए उसने होटल के जनरल मैनेजर का कार्य संभाला। पिछले 27 महीने से वह वही कार्यरत था और भारत से लौटने के महज 10 दिन पहले ही दिल का दौरा पडऩे से उसका निधन हो गया। शव को इंडिया लाने के लिए विभिन्न प्रक्रियाओं को पूरा करने में 14 दिन का समय लगा गया।
घर पर भनक तक नही लगने दी
महेश की मौत की खबर गांव में आग की तरह फैल गई थी लेकिन ग्रामीणों की एकजुटता की बदौलत इन 14 दिनों में परिजनों को भनक तक नहीं लगने दी। शव के मेनार पहुंचने के चंद घंटों पहले मौत की सूचना दी गई थी। महेश के परिवार में माता-पिता और पत्नी रंजना मेनारिया एवं उसके तीन वर्ष का पुत्र और 12 वर्ष की पुत्री है।
Updated on:
27 Nov 2019 11:49 pm
Published on:
27 Nov 2019 11:49 pm
