तिरुपति और गोल्डन टेंपल की तर्ज पर महाकाल मंदिर भी होगा स्वर्ण, चढ़ेगी 250 किलो सोने की परत

उज्जैन और मुंबई के हीरा कारोबारी ने महाकाल मंदिर के शिखर और गर्भगृह पर सोने की परत चढ़ाने की इच्छा जताई, जिसपर महाकाल प्रबंधन की सेहमति मिल गई है। अनुमान के मुताबिक, इस काम को पूरा होने में 8 साल का समय लग सकता है।

By: Faiz

Published: 11 Aug 2020, 07:15 AM IST

उज्जैन/ देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी स्थित उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर की सुंदरता में अब सोने की चमक पड़ने वाली है। मंदिर के शिखर और गर्भगृह के प्रांगण को करीब 250 किलो सोने की परत चढ़ाई जाएगी। इस काम के पूर्ण होने के बाद महाकाल मंदिर भी सोमनाथ, तिरुपति बालाजी, गोल्डन टेंपल और शिर्डी के साईं मंदिर की तर्ज पर स्वर्ण हो जाएगा। जल्द ही, मंदिर पर सोना चढाने का कार्य शुरू होने वाला है। काम शुरु करने वाली टीम का मानना है कि, इसे पूरा होने में करीब 8 साल का समय लग सकता है। बता दें कि, उज्जैन और मुंबई के दो व्यापारियों ने मंदिर को स्वर्म बनाने की बीड़ा उठाया है।

 

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उज्जैन और मुंबई के व्यापारी ने मिलकर उठाया बीड़ा

मंदिर के मुख्य पुजारी रमन त्रिवेदी के मुताबिक, उज्जैन के व्यापारी और मुंबई के एक हीरा व्यापारी ने महाकाल मंदिर के शिखर और गर्भगृह पर सोने की परत चढाने की इच्छा जताई है, प्रबंधन की ओर से उन्हें इस कार्य की सेहमति भी मिल चुकी है। बता दें कि, मुंबई के व्यापारी ने इससे पहले भी सोमनाथ मंदिर और बद्रीनाथ मंदिर में इसी तरह से सोने का दान किया था। अब व्यापारी की मंशा है कि, उज्जैन का प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर भी स्वर्ण जड़ित हो। फिलहाल, इसकी रूपरेखा तैयार की जा चुकी है।

 

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कलेक्टर की मुहर लगते ही शुरु होगा काम

मंदिर पर स्वर्ण परत चढ़ाने वाली टीम नियुक्त की जा चुकी है, जिसने कुछ दिनों के मुआयने के बाद एस्टीमेट भी तैयार कर लिया है। तैयार इस्टिमेट के अनुसार, इस काम में करीब 250 किलो सोना लग सकता है। इसमें करीब 200 किलो सोना मंदिर के शिखर पर लगने का अनुमान है, वहीं 50 किलो सोना गर्भगृह में लगाया जाएगा। उज्जैन के स्वर्ण शिखर आरोहण संकल्प समिति ने व्यापारियों से बात करने के बाद अब महाकाल मंदिर समिति को ये प्रस्ताव जल्दी भेजने की बात कही है। इसके बाद उज्जैन कलेक्टर को इसपर अंतिम मुहर लगाने के लिए भेजा जाएगा। अनुमति मिलते ही काम शुरु कर दिया जाएगा।

 

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2028 में बनकर होगा तैयार, टारगेट सेट

सोना मढ़ने वाले कारिगरों द्वारा इस काम को 8 साल में पूरा करने का लक्ष्य तैयार किया गया है। यानी 2028 से पहले महाकाल मंदिर का शिखर और गर्भ ग्रह करीब 250 किलो सोने से मढ़ा जाएगा। हालांकि, इससे पहले भी महाकाल मंदिर के शिखर को 110 किलो सोने से मढ़ा जा चुका है। उस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी सोना दान किया था।

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