उज्जैन

आखिरकार निगमायुक्त क्यों बोले—शहर की सड़क है, कोई दो देशों की सीमा नहीं

दो जोन की सीमा में इंजीनियरों ने उलझाई जयसिंहपुरा की खराब सड़क : जिम्मेदार इंजीनियर को राहगीरों की परेशानी दिखाते हुए उपयंत्री रावत को निलंबित किया

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Jul 15, 2023
दो जोन की सीमा में इंजीनियरों ने उलझाई जयसिंहपुरा की खराब सड़क :जिम्मेदार इंजीनियर को राहगीरों की परेशानी दिखाते हुए उपयंत्री रावत को निलंबित किया

उज्जैन. महाकाल मंदिर पहुंच मार्ग जयसिंहपुरा रोड सिर्फ इसलिए खस्ताहाल है क्योंकि निगम इंजीनियरों को यह नहीं पता कि रोड किस जोन में आता है। जोन-6 के इंजीनियर हर्ष जैन इसे जोन-3 का बताकर हाथ खड़े कर रहे हैं तो जोन-3 के उपयंत्री राजेंद्र रावत जैन पर जिम्मेदारी ढोल रहे हैं। आखिरकार निगमायुक्त को बोलना पड़ा कि यह शहर की ही सड़क है, कोई दो देशों के बीच की सीमा नहीं। मामले में रावत को निलंबित कर दिया है।

नगर निगम में कुछ कर्मचारी किस तरह एक-दूसरे पर काम ढोलकर जनता को परेशान होने को छोड़ देते हैं, इसका उदाहरण शुक्रवार को निगमायुक्त के सामने आया। निगमायुक्त रौशनकुमार सिंह शुक्रवार सुबह महाकाल मंदिर के आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण कर रहे थे। दो जोन को बांटने वाली जयसिंहपुरा सड़क पर गड्ढे व जलभराव देख जोन 6 के इंजीनियर हर्ष जैन और जोन-३ के राजेंद्र रावत को तलब किया। खराब सड़क के पीछे दोनों इंजीनियर अपने जोन की सीमा नहीं होने का हवाला देकर एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहराते रहे। नाराज निगमायुक्त ने कहा, यह रोड इसी शहर में जोन के क्षेत्र को विभाजित करने वाली है, कोई दो देशों की सीमा नहीं। आप लोग काम नही करते, बस एक दूसरे पर ढोलते रहते हैं। अब समय आ गया है कि आप सब के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने जल्द सड़क की हालत सुधारने व यहां जलभराव की समस्या दूर करने क निर्देश दिए।राहगीरों की ओर इशारा कर कहा- इनकी परेशानी देखो

निगमायुक्त ने गुजरते राहगीरों की ओर इशारा करते हुए इंजीनियरों से कहा, देख रहे हो महाकाल मंदिर की ओर जाने वाले इस मुख्य मार्ग से आम नागरिकों का गुजरना कितना मुश्किल है। इस रोड की यह हालत क्यों है? कायाकल्प में तुम्हें यह रोड नजर नहीं आई? इस पर इंजीनियर एक-दूसरे पर जिम्मेदारी ढोलने लगे।

उपयंत्री ही नहीं, ईई भी नहीं दे सके जवाब

निगम इंजीनियर अपनी जिम्मेदारियों के प्रति कितने गंभीर हैं, इसकी हकीकत निगमायुक्त के सवाल-जवाब में सामने आ गई। जोन सीमा को लेकर दोनों उपयंत्री एक-दूसरे पर जिम्मेदारी ढोलते रहे, निगमायुक्त ने जब कार्यपालन यंत्री जगदीश मालवीय से सवाल किया तो वे भी संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। जोन सीमा ही नहीं, निगमायुक्त ने इंजीनियरों से जल भराव के कारण पूछे तो किसी के पास सन्तोषजनक उत्तर नहीं था। यहां तक कि किसी इंजीनियर को इस रोड से गुजर रहे नाले, सीवरेज, ड्रेनेज सिस्टम के बारे में जानकारी नहीं थी। इस पर निगामयुक्त और नाराज हो गए और मौके पर ही उपयंत्री राजेन्द्र रावत को निलम्बित करने का निर्देश दिया।

पहुंच मार्ग प्राथमिकता से सुधारने के निर्देश

निगमायुक्त ने कहा, महाकाल लोक, महाकाल मंदिर, गोपाल मंदिर आदि क्षेत्रों और पहुंच मार्गों से लाखों श्रद्धालुजन रात-दिन गुजरते हैं। 84 महादेव और सप्त सागर क्षेत्र में बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। सम्बंधित इंजीनियर अपनी जिम्मेदारियां समझें व प्राथमिकता से मार्गों का संधारण करें।

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Published on:
15 Jul 2023 12:00 pm
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