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गुजरात के बाद MP में पकड़ाया ISIS का आतंकी, बड़ी वारदात की थी तैयारी

ATS ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ISIS से जुड़े एक आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। उस पर ISIS के लिए हथियारों का सौदा करने का आरोप है। दो आत

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ujjain ats

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उज्जैन। ATS ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ISIS से जुड़े एक आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। उस पर ISIS के लिए हथियारों का सौदा करने का आरोप है। दो आतंकियों की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ के बाद यह गिरफ्तारी हुई है।

गुजरात के सूरत में पकड़ाए उबैद मिर्जा से पूछताछ के बाद उज्जैन के उर्ज का नाम सामने आया था। यह एसआई के आतंकियों के लिए हथियार खरीदने में मदद कर रहा था।

गुजरात में हुई थी उबैद की गिरफ्तारी
गुजरात के सूरत में एटीएस के हत्थे चढ़े उबैद मिर्जा और कासिम स्टिम्बरवाला लंबे समय से हथियार खरीदने के प्रयास में लगे हुए थे। जुलाई 2016 में उबैद ने पिस्टल खरीदने के लिए मध्यप्रदेश के उज्जैन के उर्ज नामक व्यक्ति से संपर्क किया था। उर्ज ने देशी पिस्टल की कीमत 35 हजार रुपए और विदेशी पिस्टल की कीमत 3 लाख रुपए बताई थी। उबैद ने इस पर कहा था कि यह बहुत महंगी है, मुंबई में तो विदेशी पिस्टल एक लाख रुपए में ही मिल जाती है। दोनों में हुए सौदेबाजी के बाद 30 नवंबर को उसने दिल्ली में अलीगढ़ के फैजल से पिस्टल और कारतूस खरीदने की बात की थी। फैजल को उसने 35 हजार रुपए में कट्टा या रिवॉल्वर की व्यवस्था करने को कहा था। पिछले साल दिसंबर में उसने फिर फैजल से संपर्क किया था।


कई लोगों के संपर्क में थे
एटीएस सूत्रों के मुताबिक कासिम और उबैद कई लोगों के संपर्क में थे। इनमें शाहिद मलाईवाला, साबिर, मोहम्मद, तमिलनाडु का जबीउल्लहा, बोटावाला मस्जिद के मुफ्ती समेत कई लोग शामिल हैं। दोनों जिहादी गतिविधियों और हथियारों के बारे में बात करते थे। जबीउल्लाह को
उन्होंने हमले के लिए बेंगलुरू में यहूदी टारगेट बताने के लिए कहा था।

बगैर रजिस्ट्रेशन वकील बन गया था उबैद
प्रतिबंधित आतंकी संगठन आईएस से जुड़ा आतंकी उबैद मिर्जा सूरत जिला न्यायालय में वकालत करता था, लेकिन सूरत बार एसोसिएशन में उसने अपना पंजीकरण नहीं करवाया था। बताया जा रहा है कि वह डेढ़ साल से क्रिमनल लॉयर के तौर पर प्रेक्टिस कर रहा था।

यह हुआ बरामद
एटीएस ने अंकलेश्वर से कासिम की गिरफ्तारी के बाद उसके कब्जे से एक स्मार्ट फोन, १२८ जीबी की एक यूएसबी, जिसमें ८३.४ जीबी डाटा में कुछ फोटोग्राफ्स, जिहादी भावनाओं को भडक़ाने वाले अब्दुल्लाह अल फैजल समेत अन्य आतंकियों के वीडियो, ऑडियो आदि हैं। कम से कम हथियारों के साथ बड़ी जन हानि को अंजाम देने की आईएसआईएस की लोनवुल्फ हमले के वीडियो भी है। उबेद मिर्जा के घर से एक स्मार्ट फोन, एक पेन ड्राइव और कई दस्तावेज जब्त किए गए।

बांग्लादेश सीमा से पकड़े युवकों से मिले इनपुट
उबैद और कासिम ने आईएसआईएस में भर्ती होने के लिए सीरिया जाने का प्रयास कर रहे चार युवकों की बांग्लादेश सीमा पार करने में मदद की थी। इन युवकों ने सीरिया जाने के लिए शफी से संपर्क किया था। शफी ने कोलकाता पहुंचकर उबैद से संपर्क करने के लिए कहा। सुरक्षा एजेंसियों ने चारों युवकों को सीमा पार करते हुए हिरासत में ले लिया था। उनसे पूछताछ में उबैद और कासिम का नाम सामने आया। उसके बाद से एटीएस ने इन पर नजर रखना शुरू कर दिया था।

12 सितम्बर को की थी यहूदी धर्मस्थल की रेकी
कासिम स्टिम्बरवाला ने आतंकी हमले को अंजाम देने के इरादे से १२ सितम्बर को अहमदाबाद के अब्राहम साइनोग्यु (यहूदी धर्मस्थल) की रेकी की थी। उसने वहां पुलिसकर्मियों की मौजूदगी और वारदात को अंजाम देने के बाद मौके से भागने के रास्तों का भी निरीक्षण किया था। उबैद के साथ किसी बड़े हमले को अंजाम देने के बाद कासिम का इरादा जैमेका भागने का था। इसके लिए उसने तैयारी कर रखी थी। उसने अंकलेश्वर के सरदार पटेल अस्पताल में इको कॉर्डियोग्राम तकनीशियन की नौकरी छोड़ दी थी और जैमेका के अस्पताल में नौकरी तथा वीजा के लिए आवेदन किया था। वह उबैद मिर्जा के साथ मिलकर हमले की योजना तैयार करने में जुटा था। इसके लिए दोनों अन्य युवकों को भी इसमें शामिल करने का प्रयास कर रहे थे।

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