
सात महीने में इंसानियत, मानवता और उज्जैन को शर्मसार करने वाली दूसरी घटना सामने आई। सितंबर 2023 में सतना की नाबालिग से ऑटो रिक्शा चालक ने जंगल में ले जाकर रेप किया था। इस कलंक के दाग धुले भी नहीं थे कि दूसरे ऑटो रिक्शा चालक की दरिंदगी सामने आई। 19 मार्च को 25 वर्षीय ऑटो रिक्शा चालक ने लोगों के घरों में झाड़ू-पोछा कर रात 9 बजे घर लौट रही 60 वर्षीय वृद्धा को मदद करने का झांसा दिया। लिफ्ट देकर ऑटो रिक्शा में बैठाकर वाकणकर ब्रिज की ओर जंगल में ले जाकर रेप किया और 5 हजार रुपए छीन लिए।
मैं लोगों के यहां झाडू पोछा करती हूं। 19 मार्च की रात करीब 9 बजे नलिया बाखल होते हुए घर लौट रही थी। रास्ते में ऑटो रिक्शा ( एमपी 13 0903) लेकर आया 24 -25 वर्षीय युवक बोला- खाला मैं आपको जानता हूं। चलो घर छोड़ देता हूं। मैं झांसे में आकर ऑटो रिक्शा में बैठ गई। युवक मुझे घर न ले जाते हुए तेज रफ्तार ऑटो रिक्शा हरिफाटक ब्रिज उतरकर वाकणकर ब्रिज की ओर ले गया। मैं चिल्लाती रही कि कहां ले जा रहा है, मेरा घर पीछे रह गया, परंतु युवक बोला- मैं आपको छोड़ दूंगा। खाला मैं आपको जानता हूं। आप चिंता मत करो।
ब्रिज के पास अंधेरे में ले जाकर युवक ने ऑटो रिक्शा रोकी और बलात्कार किया। इसके बाद डरा-धमकाकर चार परिवारों से मिला मेहनताना 5 हजार रुपए भी मुझसे छीन लिए। इसके बाद युवक ने किसी को कुछ भी बताने पर जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद ऑटो रिक्शा में बैठाकर घर के पास छोड़ गया।
घर आकर बच्चों को क्या बताती? ऐसे में रातभर आंसू बहाती रही, सिसकती रही। दूसरे दिन 20 मार्च की शाम 4.30 बजे बेटी के साथ जाते हुए आरोपी दिखा तो मैं आपना आपा खो बैठी। बेटी को कहा कि इस हैवान ने मेरे साथ बलात्कार किया है तो बेटी चौंक गई। वह बोली, अम्मा मैं इसको जानती हूं। इसका नाम सलमान पिता मुनव्वर है और बेगमबाग क्षेत्र में फातिमा बीबी के मकबरा के पास रहता है। इसके बाद मां-बेटी महाकाल थाना पहुंची और आरोपी के खिलाफ केस दर्ज करवाई।
(जैसा कि महिला और उसकी बेटी ने पुलिस को बताया)
25 सितंबर 2023 को सतना निवासी 13 साल की बच्ची के साथ बलात्कार हुआ। इसमें दंरिदा ऑटो रिक्शा चालक निकला। मानवीयता की कसौटी पर उज्जैन देशभर में शर्मसार हुआ तो पुलिस कप्तान ने ऑटो रिक्शा चालकों का रिकॉर्ड जांचने के साथ कई सख्तियों के दावे शहर की जनता से किए। लेकिन समय के साथ वादे -दावे सब कमजोर हो गए। इस शर्मसार करने वाली घटना के बाद भी पुलिस ने सबक नहीं लिया।फिर वारदात दोहराकर धार्मिक नगरी को बदनाम किया गया लेकिन जिम्मेदारों के पास मौन के सिवा कुछ नहीं। पांच साल पूर्व भी रात के अंधेरे में ऑटो रिक्शा चालक महिला को जंगल में ले गए और बलात्कार किया था।
पिछले कुछ वर्षों में बड़ी वारदात में नशेड़ी ऑटो रिक्शा चालक की भूमिका सामने आई। हाल ही में दो ऑटो रिक्शा चालक ने रेलवे स्टेशन के माल गोदाम के पास खड़े 9 ऑटो के कांच फोड़ यात्रियों में दहशत फैला दी थी। घटनाएं कई हैं, लेकिन बड़ा एक्शन नहीं हुआ। इतना ही नहीं आज तक पुलिस प्रशासन के पास डाटा नहीं कि शहर में कितने ऑटो रिक्शा चालकों का वैरिफिकिशेन, रजिस्ट्रेशन, लाइसेंस है? ये कौन हैं जो नशे में घूम रहे हैं। अब तो शहर में आ रहे यात्रियों की संख्या देख, नागदा, रतलाम, इंदौर, शाजापुर, आगर, शुजालपुर और आसपास के जिलों से नशेड़ी रिक्शा चालक उज्जैन में आ पहुंचे हैं। तो साहब इन्हें कब जांचेंगे या समय के भरोसे ही सिस्टम चलाते रहेंगे?
ऑटो रिक्शा चालक के बारे में पता चला है कि वह नशेड़ी है। उसके परिवार वालों ने भी डेढ़ माह से घर से बाहर निकाल रखा था। उसकी तलाश कर रहे हैं। जल्द गिरफ्तार करेंगे।
- ओपी मिश्रा, सीएसपी
Published on:
23 Mar 2024 10:35 am

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