
Baba Mahakal : विश्व प्रसिद्ध बाबा महाकाल (Baba Mahakal) की नगरी पावन नगरी उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर (mahakaleshwar temple) से जुड़ी एक खबर सामने आ रही है। जहां करोड़ों रुपए दान आता है, लेकिन फिर भी महाकाल मंदिर के ऊपर एक करोड़ से भी ज्यादा कर्ज है। मंदिर समिति को उज्जैन नगर निगम को इस कर्ज का भुगतान करना है। महाकाल मंदिर समिति ने पिछले चार सालों से पानी का टैक्स और 27 सालों से दूसरे टैक्स नहीं चुकाए हैं।
बता दें कि, महाकाल मंदिर उज्जैन की हर साल की कमाई लगभग 100 करोड़ रुपए होती है, लेकिन मंदिर पर साल 1997 से लेकर अभी तक 80 लाख से ज्यादा का टैक्स बाकी है। महाकाल मंदिर सहित शहर की सभी धार्मिक स्थलों को नगर निगम की धारा 136-ई में प्रॉपर्टी टैक्स में छूट मिलती है, लेकिन उन्हें लाइट, शिक्षा और नगरीय विकास टैक्स देना होता है। महाकाल मंदिर समिति की ओर से कागजात तैयार किए जा रहे है।
उज्जैन महाकाल मंदिर प्रबंध समिति की आय दान से होती है। यहां जल्दी दर्शन के लिए 250 सौ रुपए प्रति व्यक्ति और भस्म आरती के लिए 200 रुपए प्रति व्यक्ति चार्ज लगता है। इस तरह से मंदिर की आय में करोड़ों रुपए जमा हो जाते हैं। पिछले 10 महीनों की बात करें तो मंदिर की इनकम 144 करोड़ रुपए से ज्यादा पहुंच गई थी। महाकाल मंदिर समिति की इनकम साल 2023 अप्रैल से जनवरी 2024 तक 144 करोड़ रुपए 67 लाख रुपए से ज्यादा पहुंच गई थी।
महाकाल मंदिर समिति के अध्यक्ष और कलेक्टर नीरज सिंह का कहना है कि टैक्स के मामले में मंदिर समिति ने सही फैसला लिया है। मंदिर समिति चाहती है कि उसे कुछ छूट मिले। इसके लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है।
Updated on:
14 Jun 2024 04:05 pm
Published on:
14 Jun 2024 04:04 pm
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