महाकाल भस्म आरती में इस दिन से मिल सकेगी एंट्री, लेकिन मानने होंगे ये नियम

महाकाल भस्म आरती, गणेश मंडपम और कार्तिकेय मंडपम में 50 फीसदी क्षमता के साथ श्रद्धालुओं के प्रवेश की अनुमति रहेगी। लेकिन, नंदी हाल में प्रवेश पर प्रतिबंध जारी रहेगा। 100 रुपये दान राशि की व्यवस्था भी जल्द शुरु होगी।

By: Faiz

Published: 03 Sep 2021, 07:43 AM IST

उज्जैन/ कोरोना काल के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार श्रद्धालुओं के लिए महाकाल मंदिर में होने वाली भस्म आरती के लिये गेट खोल दिये जाएंगे। अगले हफ्ते से श्रद्धालु भस्म आरती में शामिल हो सकेंगे। हालांकि, नई व्यवस्था के अनुसार, अभी सिर्फ 50 फीसदी श्रद्धालुओं को इसमें प्रवेश दिया जाएगा। वहीं, नंदी हॉल में प्रवेश पर अब भी रोक रहेगी।

महाकाल मंदिर समिति द्वारा इस संबंध में फैसला लिया गया है कि, अब भस्म आरती में श्रद्धालुओं को 50 फीसदी क्षमता के साथ एंट्री मिल सकेगी। हालांकि, अब भी नंदी हाल को पूरी तरह श्रद्धालुओं के लिये अब भी बंद ही रखा जाएगा। साथ ही मंदिर में वीआईपी प्रवेश के लिये जल्द ही 100 रुपए दान राशि जमा कराने की व्यवस्था जल्द ही दोबारा शुरु की जाएगी। बता दें कि, कोरोना संकट के चलते पिछले करीब डेढ़ साल से भस्म आरती के दौरान श्रद्धालुओं का प्रवेश बंद कर दिया गया था, जिसे अगले सप्ताह से एक बार फिर खोला जाएगा।

 

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डेढ़ साल से बंद था प्रवेश

आपको बता दें कि, पिछले साल कोरोना संक्रमण की अहतियादी बरतते हुए 17 मार्च 2020 को महाकाल भस्म आरती में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। लेकिन, गुरुवार को उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में प्रशासनिक अधिकारियों और मंदिर समिति के सदस्यों की बैठक हुई। इसमें भस्म आरती में प्रवेश और अगले सोमवार को निकलने वाली भगवान की शाही सवारी के संबंध में चर्चा की गई। इस दौरान ये फैसला लिया गया कि, बीते डेढ़ साल से लगा ये प्रतिबंध अगले सप्ताह से हटा लिया जाएगा।

 

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50 फीसदी क्षमता के साथ प्रवेश

उज्जैन कलेक्टर आशीष सिंह के अनुसार, नई व्यवस्था में भी नंदी हॉल में प्रवेश पर प्रतिबंध जारी रहेगा। लेकिन, गणेश मंडपम, कार्तिकेय मंडपम में 50 प्रतिशत क्षमता के साथ श्रद्धालु प्रवेश ले सकेंगे। हालांकि, इसके लिये उन्हें ऑनलाइन बुकिंग करानी होगी। महाकाल मंदिर में कुल 1850 श्रद्धालु एक साथ बैठकर भस्मारती में सम्मलित हो सकते हैं। अब शुक्रवार को होने वाली मंदिर प्रबंध समिति की बैठक में निर्णय लिया जाएगा कि भस्म आरती में कैसी व्यवस्था रखी जाए।

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