27 जून 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

उज्जैन में मोहर्रम जुलूस में 40 फीट ऊपर वैन ब्लास्ट का क्या था मकसद? ATS तलाश रही 3 जवाब

Van Blast Case : मोहर्रम जुलूस में 40 फीट ऊपर लटकाकर उड़ाई गई वैन की जांच में जुटीं एजेंसियां। ले, फिर आ गए लिखने, लाल झंडे लहराने और विस्फोटक सामग्री की पड़ताल तेज। CCTV से 13 आरोपी किए चिह्नित, 4 गिरफ्तार।
3 min read
Google source verification
Van Blast Case

Van Blast Case (वैन ब्लास्ट केस में ATS जांच में जुटी Photo Source- Patrika)

Muharram procession in Ujjain :मध्य प्रदेश के उज्जैन के बड़नगर में मोहर्रम जुलूस के दौरान क्रेन से करीब 40 फीट ऊंचाई पर लटकाकर वैन में किए गए विस्फोट का मामला अब स्थानीय पुलिस की जांच से आगे बढ़कर सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर पहुंच गया है। घटना का वीडियो सामने आने के बाद एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) भी जांच में शामिल हो गई है। अब एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि ये सिर्फ पटाखों से किया गया प्रदर्शन था या इसके पीछे कोई दूसरा मकसद छिपा था।

मामले में पुलिस भी गहन जांच कर रही है। इसी के चलते शुक्रवार को फॉरेंसिक टीम और बीडीएस ने बड़नगर पहुंच कर सबूत जुटाए। पुलिस ने अब तक 13 आरोपियों को चिह्नित किया है, इनमें से 4 को गिरफ्तार कर लिया। जबकि, क्रेन मालिक सहित अन्य आरोपी अब भी फरार हैं।

संवेदनशील है आसपास के इलाके

उज्जैन जिले के उन्हेल, नागदा, खाचरौद और महिदपुर क्षेत्र पहले से संवेदनशील माने जाते हैं। ऐसे में जांच एजेंसियां तीन प्रमुख बिंदुओं पर फोकस कर रही हैं। पहला, विस्फोट के पीछे वास्तविक उद्देश्य क्या था। दूसरा, वैन और तख्तियों पर लिखे गए ले, फिर आ गए संदेश का मतलब क्या था। तीसरा, विस्फोट में इस्तेमाल सामग्री वास्तव में क्या थी और उसे कहां से लाया गया था। इसके साथ ही जुलूस के दौरान लहराए गए लाल झंडों को लेकर भी जांच की जा रही है। हालांकि फॉरेसिंक जांच में सामने आया कि धमाके के लिए पटाखों का इस्तेमाल किया था।

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल

घटना 23 जून की रात बड़नगर के अडान मोहल्ले में हुई थी। मोहर्रम जुलूस के दौरान वैन को क्रेन की सहायता से हवा में लटकाया गया था। वाहन की छत पर दो युवक खड़े होकर लाल झंडे लहरा रहे थे। वाहन पर बड़े अक्षरों में ले, फिर आ गए लिखा हुआ था, जबकि जुलूस में शामिल कुछ लोगों के हाथों में भी इसी संदेश वाली तख्तियां थीं। कुछ देर बाद वाहन में जोरदार विस्फोट हुआ, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

फरार आरोपियों की तलाश तेज

टीआई केएस सिंगार के अनुसार शोएब पिता गब्बू, जाहिद पिता भूरा खां और तपसील उर्फ तस्लीम को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा क्रेन ऑपरेटर विजय त्रिपाठी निवासी बड़नगर जिसने वैन को हवा में लटकाया था, शुक्रवार को उसे भी पकड़ लिया। जबकि के्रन मालिक गोपाल राठौर फरार है। इसके अलावा पुलिस ने अब तक १३ आरोपियों को चिन्हित किया है। सभी की तलाश की जा रही है।

पुलिस के अनुसार, शोएब ने अडान अखाड़े के बैनर तले जुलूस निकाला था और उसी ने कबाड़ में रखी वैन को क्रेन से लटकाने की व्यवस्था की थी। विस्फोट के समय जाहिद और तपसील वाहन की छत पर मौजूद थे तथा झंडे लहरा रहे थे। ब्लास्ट से कुछ क्षण पहले दोनों नीचे उतर आए थे।

आठ हजार में लाए थे पटाखे, बिल भी दिया

पूछताछ में आरोपियों ने दावा किया है कि, वाहन में करीब 8 हजार रुपए के पटाखे लगाए गए थे। उन्होंने पटाखों की खरीद का बिल भी पुलिस को सौंपा है, जिसकी जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में वाहन के भीतर जले हुए पटाखों के अवशेष और वायरिंग मिली है। हालांकि पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां फोरेंसिक रिपोर्ट आने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से बच रही हैं।इधर, क्रेन मालिक गोपाल राठौर का कहना है कि उनसे पुष्प वर्षा के लिए क्रेन किराए पर मांगी गई थी। 2500 रुपए किराया तय होने के बाद उन्होंने ड्राइवर सहित क्रेन भेज दी थी। उसे वाहन में विस्फोट किए जाने की कोई जानकारी नहीं थी।

जांच करने पहुंची टीम

शुक्रवार को फोरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम और बम निरोधक दस्ता (बीडीएस) बडनगर पहुंचकर वाहन से नमूने एकत्र किए। इन नमूनों की जांच से यह स्पष्ट हो सकेगा कि विस्फोट में केवल पटाखों का इस्तेमाल हुआ था या कोई अन्य सामग्री भी मौजूद थी। हालांकि प्रथम दृष्टया जांच में यह साबित हो गया है कि वैन में पटाखे रखे गए थे।

इनका कहना है

मामले को लेकर एसपी प्रदीप शर्मा का कहना है कि, बड़नगर में अडान और शरजील अखाड़ों में प्रतिस्पर्धा रहती है। दोनों अखाड़े एक दूसरे को नीचा दिखाने के लिए अलग अलग संदेश लिखते हैं यह जंगी प्रदर्शन भी इसी का नतीजा है। हालांकि पुलिस पूरे मामले में बारीकी से जांच कर रही है।