
नवरात्र और रमजान: महंगा हुआ फलाहार, इफ्तारी के फलों के दाम भी पहुंचे आसमान पर
उज्जैन. चेत्र नवरात्र के साथ-साथ मुस्लिम समुदाय के रमजान भी शुरू हो चुके हैं। ऐसे में उपवास और रोजे करने वालों का जायका फलाहारी सामग्रियों के बढ़ते दामों ने बिगाड़ रखा है। नवरात्र और रमजान में फलाहारी तथा इफ्तारी की सामग्री के दाम आसमानी हो रहे हैं।
फलों और अन्य सामग्रियों के आसमान छूते दामों से देवी भक्तों और परवरदिगार की इबादत करने वालों के सामने महंगाई का संकट खड़ा हो गया। सप्ताहभर में ही मूंगफली, साबूदाना, सिंघाड़ा और मेवे के दामों में उछाल देखा गया है। फलों के भाव में भी तेजी आ रही है। नवरात्र में व्रत रखने वाले मुख्य रूप से फलाहार में साबूदाना, सिंघाड़ा, मेवे से बनने वाली खाद्य सामग्री का सेवन करते हैं।
वहीं आलू और मौसमी फलों की मांग भी बढ़ जाती है। अभी फलों को छोड़ दिया जाए तो बीते सप्ताह 120 रुपए प्रति किलो की दर से मिल रहा सिंघाड़े का आटा अब 140 रुपए प्रति किलो में बिक रहा है। इसी तरह मखाने के दाम में भी 100 रुपए प्रति किलो तक का उछाल आया है। इसके अलावा बादाम, काजू, किशमिश आदि के दाम में भी वृद्धि हुई है।
दाम और बढ़ने की संभावना
12 से 18 रुपए में मिलने वाला नारियल 20 रुपए में मिल रहा है। मां को चढ़ने वाली चुनरी, नारियल, कलश की दुकानें सज गई हैं। व्यापारी दिनेश शर्मा के मुताबिक, फलाहार की मांग बढ़ने पर दाम और बढ़ सकते हैं।
फलों के भाव
-तरबूज 30 रुपए/किलो
प्रसाद-चुनरी की दुकानें सजी
नवरात्र को लेकर बाजार सज गए हैं। माता की चुनरी, पोशाक की कई वैरायटी उपलब्ध हैं। लहरीदार चुनरी श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रही है। मंदिर में सजावट का सामान भी खूब बिक रहा है। जरी की पोशाक गम के लिए खास पसंद को जा रही है। श्रंगार का सामान, पैकेट व कलात्मक बनावटी गहनें भी ग्राहकों को लुभा रहे हैं, हालांकि इनके दाम भी बढ़े हुए हैं, जिससे श्रद्धालु खरीदने से बच भी रहे हैं।
आसमान में घटी अजीब घटना, देखें वीडियो
Published on:
05 Apr 2022 01:07 pm
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