उज्जैन. गणपति अपने गांव चले..कैसे हमको चैन पड़े। अब बप्पा अपने घर लौटने वाले हैं। गुरुवार को उनकी विदाई होगी। इसी के साथ अगले दिन घर-घर पितरों का आगमन होगा। इस बार 15 दिनों तक आस्था और श्रद्धा का श्राद्ध पर्व मनाया जाएगा। अपने पूर्वजों को प्रसन्न करने के लिए पूजन, पाठ, जप, तर्पण, पिंडदान व अन्य कर्मकांड किए जाएंगे। घरों में बनने वाला खाना पहले पितृ देवों के निमित्त निकाला जाएगा। उज्जैन के सिद्धवट और गया कोठा तीर्थ सहित रामघाट पर श्राद्ध पक्ष को देखते हुए स्थानीय प्रशासन द्वारा पूर्ण व्यवस्था कर दी गई है।