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घर लौटेंगे बप्पा, पितरों का होगा आगमन

गणपति अपने गांव चले..कैसे हमको चैन पड़े। अब बप्पा अपने घर लौटने वाले हैं। गुरुवार को उनकी विदाई होगी। इसी के साथ अगले दिन घर-घर पितरों का आगमन होगा। 

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Lalit Saxena

Sep 14, 2016

Ganesh Visarjan festivities in Ujjain

Ganesh Visarjan festivities in Ujjain

उज्जैन. गणपति अपने गांव चले..कैसे हमको चैन पड़े। अब बप्पा अपने घर लौटने वाले हैं। गुरुवार को उनकी विदाई होगी। इसी के साथ अगले दिन घर-घर पितरों का आगमन होगा। इस बार 15 दिनों तक आस्था और श्रद्धा का श्राद्ध पर्व मनाया जाएगा। अपने पूर्वजों को प्रसन्न करने के लिए पूजन, पाठ, जप, तर्पण, पिंडदान व अन्य कर्मकांड किए जाएंगे। घरों में बनने वाला खाना पहले पितृ देवों के निमित्त निकाला जाएगा। उज्जैन के सिद्धवट और गया कोठा तीर्थ सहित रामघाट पर श्राद्ध पक्ष को देखते हुए स्थानीय प्रशासन द्वारा पूर्ण व्यवस्था कर दी गई है।

झांकियों और ढोल के साथ विदा होंगे बप्पा
ढोल-गाजे-बाजे और झिलमिलाती झांकियों के साथ गणपति बप्पा अपने धाम पधारेंगे। अगले वर्ष पुन: लौटने का वादा करके गणेशजी घर लौटेंगे। दस दिनों तक विभिन्न चौराहों, मंदिरों और घर-घर पूजा पाठ का दौर अब थम जाएगा। भक्तगण अपने आराध्य देव की विदाई करेंगे। नदी के तट पर मूर्तियां विसर्जन के लिए ले जाई जाएंगी, लेकिन इन्हें यहां सिर्फ जल के छींटे देकर परंपरा का निर्वाह किया जाएगा। प्रशासन ने मूर्ति विसर्जन के लिए नदी पर प्रतिबंध लगाया है।


पितरों की शांति के लिए रोज करेंगे तर्पण
पुराणों में उल्लेख मिलता है कि जो लोग मृत्यु को प्राप्त होकर इस संसार से हमेशा के लिए चले गए हैं, उनकी आत्मा की शांति के लिए पृथ्वी पर उनके वंशजों द्वारा तर्पण, पिंडदान व श्राद्ध आदि कार्य इन सोलह दिनों में किए जाते हैं। उल्लेखनीय है कि इन 16 दिनों के लिए हमारे पूर्वज स्वच्छंद हो जाते हैं और अपने वंशजों से श्राद्ध की अपेक्षा करते हैं।

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