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3 स्टार होटल से कम नहीं मध्य प्रदेश में बना ये सरकारी स्कूल, खूबियां कर देंगी हैरान

3 स्टार होटल से कम नहीं ये मध्य प्रदेश के उज्जैन में बना ये सरकारी नवीन स्कूल, जानते हैं इसकी खूबिया...।

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3 स्टार होटल से कम नहीं मध्य प्रदेश में बना ये सरकारी स्कूल, खूबियां कर देंगी हैरान

उज्जैन. अब तक आपने सरकारी स्कूलों के बदहाल हालात पर ही खबरें देखीं या सुनी होंगी, लेकिन मध्य प्रदेश के उज्जैन में स्थितत एक सरकारी नवीन स्कूल इन दिनों लोगों में खासा सराहना का विषय बना हुआ है। वजह ये है कि, ये सरकारी स्कूल किसी 3 स्टार होटल से कम नहीं है। आपको बता दें कि, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बीते 22 सितंबर को इस स्कूल का वर्चुअल शुभारंभ किया था। इसके बाद से ही यहां प्राथमिक स्कूल लगने लगा। खास बात ये ही कि, इस स्कूल में इंटर होते ही लगता है कि, यहां के बच्चे किसी बड़े होटल में पढ़ रहे हैं।


बताया जा रहा है कि, शहर के महाकाल मंदिर इलाके में बने इस स्कूल को बनाने में 30 करोड़ रुपये की लागत आई है। प्रदेश के पहले बहुमंजिला अत्याधुनिक स्मार्ट स्कूल भवन में 90 से ज्यादा क्लासरूम, मॉडर्न लैब, लाइब्रेरी, हॉस्टल, खेल मैदान, मैस-कैंटिन, स्टाफ रूम, आरओ वाटर, पढ़ाने के लिए आडियो-वीडियो फॉर्मेट शामिल है। अचानक आग लगने की स्थित से निपटने के लिये भी स्कूल में जबरदस्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है। पूरा कैंपस सोलर एनर्जी से चलाया जा रहा है।

हर चीज का रखा गया ध्यान

ये बात तो हम कई बार सुन चुके हैं कि, मध्य प्रदेश में ही कई स्कूल ऐसे हैं, जो इतने खस्ता हाल हो चुके हैं कि, उनकी इमारतें गिरने की कगार पर आ गई हैं। स्कूलों के ऐसे ही अन्य हालातों के चलते अकसर अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल भेजने से भी डर रहे हैं। वहीं, कई स्कूल ऐसे भी हैं, जहां एक ही कमरे में एक से अधिक क्लासेज लगाई जा रही हैं। ऐसे में उज्जैन का ये सरकारी नवीन स्कूल बढ़िया व्यवस्थाएं देने के लिये प्रदेश में एक खास पहचान स्थापित कर रहा है।


स्टूडेंट-टीचर फ्रेंडलीपैटर्न पर बना स्कूल

नवीन स्कूल के टीचर राजकुमार विश्वकर्मा के अनुसार, इससे पहले जिस स्कुल में हम पढ़ाते थे, उसमें और इस स्कूल में जमीन आसमान का फर्क है। इस स्कूल को बहुत ही अनुशासित और बेहतर ढंग से बनाया गया है। इसमें छात्रों से जुड़ी हर जरूरत का बेहतर ढंग से ध्यान रखा गया है। क्लास रूम की साइज, ब्लैक बोर्ड का कलर और साइज, समेत ऐसी कई चीजों को स्टूडेंट्स और टीचर फ्रेंडली बनाया गया है। ताकि, शिक्षक बेहतर ढंग से छात्रों को पढ़ा सकें।

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गजब का हुआ परिवर्तन

स्कूल के एक अन्य टीचर प्रेम लाल राठौर के अनुसार, अगर प्रदेश के सभी स्कूलों को इसी तर्ज पर स्थापित कर दिया जाए, तो यकीनन यहां छात्रों में निजी स्कूल में पढ़ने के बजाय सरकारी स्कूलों में पढ़ने का रुझान बढ़ेगा। इस स्कूल को ही उदाहरण मानें, तो यहां हमें खासा परिवर्तन देखने को मिल रहा है। 42 वर्ष की उम्र में पहली बार ऐसा स्कूल देखने को मिला, जो हमें भी पढ़ाने के प्रति नई ऊर्जा दे रहा है। उन्होंने बताया कि, इस स्कूल में एक से लेकर बारहवीं कक्षा तक के छात्रों को पढ़ाया जा रहा है।

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3 स्कूल मिलाकर बनाया एक स्कूल, जल्द ही एक और स्कूल होगा मर्ज

बता दें कि, ये सरकारी नवीन स्कूल तीन स्कूलों को मिलाकर बनाया गया है। इसमें फर्स्ट फ्लोर पर प्राइमरी, सेकंड फ्लोर पर मिडिल और थर्ड फ्लोर पर हायर सेकेंडरी स्कूल की क्लासेज लगाई जाएंगी। नई हाईटेक बिल्डिंग में सीसीटीवी भी लगाए गए हैं। साथ ही, एक बड़ा खेल मैदान भी तैयार किया जा रहा है। स्कूल में फिलहाल प्राथमिक क्लास लग रही है। जल्द ही दो अन्य स्कुल भी इसी में मर्ज कर दिये जाएंगे।

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