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इन छह पुजारियों पर गिरी गाज…संगीतकार अनु मलिक को मां बगलामुखी के अवैधानिक दर्शन कराए थे

पत्रिका खबर का असर : 20 दिसंबर की रात आगर जिले के नलखेड़ा स्थित मां बगलामुखी मंदिर के पट बंद होने के बावजूद पुजारियों ने अनु मलिक को कराए थे दर्शन और बिना रसीद के हवन भी करवा दिया

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Illegal darshan of maa Baglamukhi to Anu Malik, Six priests punished

पत्रिका खबर का असर : 20 दिसंबर की रात आगर जिले के नलखेड़ा स्थित मां बगलामुखी मंदिर के पट बंद होने के बावजूद पुजारियों ने अनु मलिक को कराए थे दर्शन और बिना रसीद के हवन भी करवा दिया

नलखेड़ा/सुसनेर. संगीतकार अनु मलिक 20 दिसंबर की रात 10.40 बजे नलखेड़ा स्थित मां बगलामुखी मंदिर पहुंचे। मंदिर के गर्भगृह के पट बंद होने के बावजूद यहां के पंडे और पुजारियों ने अनु मलिक को न सिर्फ पट खुलवाकर मां के दर्शन कराए, बल्कि बिना रसीद के मंदिर में ही हवन भी करा दिया। इस कृत्य पर दूसरे ही दिन मंदिर के छह पुजारियों पर सजा की गाज गिर गई। जिला प्रशासन ने सभी पंडे-पुजारियों को नोटिस जारी किया और एक जांच समिति बैठा दी, जो मामले की जांच कर रिपोर्ट आगर जिला प्रशासन के अधिकारी को देगी और फिर इन पर आगे की कार्रवाई होगी।
इन पुजारियों पर गिरी गाज
मां बगुलामुखी मंदिर समिति के कर्मचारी गोविंद पिता भेरूलाल गोस्वामी द्वारा प्रस्तुत पंचनामा रिपोर्ट एवं मीडिया के विभिन्न माध्यम से यह संज्ञान में आया कि 20 दिसंबर 2019 रात्रि समय 10.40 पर अनु मलिक को मंदिर के पट बंद हो जाने के बाद पुन: पट खोलकर पुजारी भरत पिता गोपाल द्वारा गर्भ गृह में दर्शन कराए गए थे। उक्त अवैधानिक कृत्य का मंदिर प्रबंधन समिति द्वारा गंभीरता से लिया गया। पुजारी मनोहर भिलाला, गोपाल भिलाला, भरत तथा पुजारी योगेश शर्मा, मनोज शर्मा, मिलन शर्मा को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया तथा तहसीलदार नलखेड़ा की अध्यक्षता में स्वतंत्र जांच समिति बनाई गई, जो इस घटनाक्रम की पूर्ण जांच करेगी। साथ ही जांच पूर्ण नहीं हो जाती है तब तक पुजारी भरत पिता गोपाल को मंदिर प्रवेश से निषेध किया जाता है ताकि यहां जांच प्रक्रिया को प्रभावित ना कर सके तथा अन्य 3 पंडित को 1 माह के लिए पूजा हवन के लिए प्रतिबंधित किया जाता है। उक्त आदेश के उपरांत भी उक्त पंडे एवं पुजारी मंदिर में प्रवेश करते हैं तो उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
शासकीय सेवा में, फिर भी पुजारी के पद पर नियुक्त, नोटिस दिया
सुसनेर. शासकीय सेवा में होने के बाद भी मां बगलामुखी मंदिर में पुजारी के पद पर कार्य करने का मामले में एसडीएम और मंदिर प्रबंधन समिति के अध्यक्ष मनीष जैन ने पुजारी मनोहर भिलाला को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। शासकीय शिक्षक पद पर नियुक्त होने के बाद भी सत्यता छुपाकर मंदिर के पुंजारी पद पर भी नियुक्ति लेने को लेकर यह स्पष्टीकरण मांगा गया है। 26 दिसम्बर तक जवाब प्रस्तुत करने को कहा गया है। जवाब प्रस्तुत ना करने पर एक पक्षीय कार्रवाई की बात भी नोटिस में लिखी गई।