महाकाल की क्षिप्रा नदी में मिला गंदा पानी, उज्जैन में फूट गया स्टॉप डैम

लापरवाही से पवित्र क्षिप्रा नदी में मिल गया सीवेज का पानी...। इसी पवित्र नदी में श्रद्धालु करते हैं स्नान...।

By: Manish Gite

Published: 18 Mar 2021, 01:08 PM IST

उज्जैन। क्षिप्रा नदी ( kshipra river ) के त्रिवेणी में बनाया गया मिट्टी का स्टाप डैम टूट जाने से गंदा पानी मिलने लगा। आलम यह था कि इस दौरान नदी में पानी उल्टी दिशा में बहने लगा। कलेक्टर ने मौके पर अफसरों को भेजकर इसका मुआयना कराया।

उज्जैन ( ujjain ) की सीमा से लगे इंदौर शहर का सीवरेज, कान्ह नदी के जिरए उज्जैन में आकर क्षिप्रा नदी ( kShipra River ) में मिलता है। इससे नदी का जल तो दूषित होता है, श्रद्धालुओं को भी इसी जल में स्नान करना पड़ता है। आलम यह है कि यह गंदा पानी मिलने से क्षिप्रा की स्थिति किसी नाले जैसी हो जाती है। इसे प्रदूषण से बचाने के लिए स्टॉप डैम ( Stop Dam ) बना दिया गया है, जिससे यह गंदा पानी पवित्र नदी में नहीं मिल पाए।

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गौरतलब है कि कान्ह का गंदा पानी रोकने के लिए प्रशासन समय-समय 15 से 20 लाख रुपए खर्च कर कच्चा स्टाप डैम बनवाता है। पिछले साल अप्रैल में भी यह डैम टूट गया था। इसके बाद इसे फिर से बनाया गया। पीएचई के मुताबिक इंदौर से आ रही कान्ह नदी में पानी बढ़ने से बांध टूटा।

 

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एक नजर

  • इंदौर शहर का सीवरेज, कान्ह नदी के जरिए उज्जैन आकर पवित्र शिप्रा नदी (shipra river ) में मिलता है।
  • शुद्ध जल के लिए चार साल पहले शासन ने 95 करोड़ रुपए खर्च कर योजना तैयार की थी।
  • कान्ह नदी को डायवर्ट करने के लिए त्रिवेणी से पहले राघौपिपल्या गांव से कालियादेह पैलेस तक भूमिगत पाइपलाइन बिछवाई थी।
  • जून से सितंबर को छोड़ शेष 8 माह में कभी भी नहान क्षेत्र (त्रिवेणी से कालियादेह) के बीच शिप्रा में कान्ह का पानी नहीं मिलेगा।
  • लेकिन चार साल में ऐसा कभी नहीं हुआ।
Manish Gite
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