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फिर निकलेंगे महाकाल, सवारी का समय हुआ तय

कार्तिक-अगहन सवारी

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उज्जैन. सावन—भादौं के बाद अब महाकाल की कार्तिक और अगहन माह में निकलने वाली सवारी की तैयारी शुरु हो गई है. कार्तिक माह की महाकाल की पहली सवारी सोमवार यानि 8 नवंबर को निकलेगी. परंपरानुसार कार्तिक और अगहन माह में महाकाल की सवारी शाम 4 बजे से निकाली जाएगी.

सोमवार 8 नवंबर को पहली सवारी निकलेगी, जबकि अन्य तीनों सवारी क्रमश: 15, 22 और 29 को निकाली जाएगी. कोविड प्रोटोकाल के कारण इस बार भी सवारी मार्ग को छोटा कर दिया गया है. इस बार महाकाल की चारों सवारी महाकालेश्वर मंदिर से रामघाट तक हरसिद्धि मार्ग से होते हुए जाएगी.

मंदिर समिति सदस्यों के अनुसार सवारी के दौरान गोपाल मंदिर के सामने से रामघाट होते हुए सवारी निकालने की परंपरा है पर लेकिन कोविड के कारण दो साल से यह मार्ग छोटा कर दिया गया है. हालांकि महाकाल की इस सवारी का आमजन दर्शन कर सकेंगे. महाकाल की सवारी का लाइव टेलीकास्ट भी किया जाएगा.

लैब में बन रहे "रामसेतु" के पानी में तैरने वाले पत्थर

महाकाल की सवारी के संबंध में शैव और वैष्णव संप्रदायों की अलग—अलग परंपरा है. शैव परंपरा के अनुसार सावन माह में सवारी निकलती है, जबकि वैष्णव परंपरा का पालन करते हुए कार्तिक व अगहन माह में चार सवारियां निकाली जाती है. उज्जैन में दोनों संप्रदाय को मानने वाले लोग हैं इसलिए इनकी भावनाओं के अनुरूप अलग—अलग सवारियां निकाली जाती हैं.