
mp election
विधानसभा चुनाव 2023 के लिए दोनों ही प्रमुख दलों भाजपा-कांग्रेस ने अपनी सूचियां जारी कर प्रत्याशियों के चेहरे स्पष्ट कर दिए हैं। कांग्रेस, भाजपा, आप, समाजवादी समेत अन्य पार्टियों के प्रत्याशियों के नाम सामने आ चुके हैं। चुनावी रणभूमि में प्रचंड बहुमत से जीत हासिल करने के विशेष जतन शुरू होंगे। कई लोगों ने ज्योतिषों के पास कुंडली पहुंचा दी है, तो कई ने टोने-टोटकों और तंत्र-मंत्र का सहारा लेना शुरू कर दिया है। बाहर के कुछ प्रत्याशियों की ओर से गुप्त रूप से मिर्ची हवन कराने की स्वीकृति मिल चुकी है।
तंत्र-मंत्र साधना का गढ़
तंत्र-मंत्र साधना का गढ़ कहलाने वाला शहर उज्जैन, वर्षों से प्रत्याशियों की पहली पसंद रहा है। अपना नाम सूची में शामिल होने पर प्रत्याशी सबसे पहले माता-पिता, गुरुजन और मंदिरों में आशीर्वाद लेने पहुंचने लगे हैं। इनमें माया राजेश त्रिवेदी, महेश परमार, मोहन यादव, चेतन यादव सहित अन्य प्रत्याशी बाबा महाकाल और शहर के अन्य प्रसिद्ध मंदिरों में दर्शन करने पहुंचे। प्रत्याशियों की मानें, तो उनका कहना है कि मतदाताओं के अलावा हम अपने भाग्य और तकदीर को चुनावी रणभूमि में आजमाते हैं। इसमें तंत्र-मंत्र और विशेष पूजा का सहारा लिया जाए, तो कार्य निश्चित सफल होता है। हमारे बुजुर्ग भी यही करते आए हैं।
कुंडली में टटोलते हैं भाग्य का सितारा
ज्योतिर्विद पं. आनंदशंकर व्यास का कहना है, कोई भी हो, चाहे वह साधारण मनुष्य हो या विजयश्री की अभिलाषा रखने वाला प्रत्याशी, सभी चाहते हैं कि उन्हें विजयश्री मिले। यही कारण है कि लोग हमारे यहां आकर के कुंडलियां बनवाते हैं, पुरानी कुंडलियां दिखवाते हैं। ग्रह-गोचर और दोष निवारण के लिए उपाय पूछकर उसे करते हैं। इन सबके करने से कहीं न कहीं उनका कार्य सिद्ध होता है।
अष्टमी, नवमी और दशहरा पर विशेष पूजा
नवरात्र महापर्व की महाअष्टमी 22 अक्टूबर, महानवमी 23 अक्टूबर और दशमी या विजयादशी 24 अक्टूबर को आ रही है। इन खास तिथियों में प्रत्याशी सबसे अधिक पूजा-पाठ और अन्य अनुष्ठान कराएंगे। इन तिथियों में की गई पूजा फलदायी मानी जाती है, ऐसा पुराणों में उल्लेख मिलता है।
विशेष साधना के लिए शारदीय नवरात्र सबसे खास
लोगज्योतिषाचार्य पं. अजय कृष्ण शंकर व्यास का कहना है, प्रत्याशी मैदान में उतरने के बाद जीत के लिए हर जतन करने को तैयार रहता है। शारदीय नवरात्र का पर्व चल रहा है, ऐसे में इन दिनों सिद्धियां शीघ्र प्राप्त होती हैं। यह पर्व सभी के लिए बेहद खास होता है। विशेष साधना और गुप्त साधना भी इन दिनों खूब होती हैं। बगलामुखी धाम, हरसिद्धि मंदिर, गढक़ालिका, कालभैरव के अलावा कुछ लोग तांत्रिकों के माध्यम से ओखलेश्वर और चक्रतीर्थ श्मशान में विशेष क्रिया कराते हैं। इसके साथ सांवेर के उलटे हनुमान, नलखेड़ा की बगलामुखी, शाजापुर में राजराजेश्वरी मंदिर में भी नेता पहुंचते हैं। हाल ही में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी राजराजेश्वरी मंदिर पहुंचे थे।
Updated on:
22 Oct 2023 11:10 am
Published on:
22 Oct 2023 11:06 am
बड़ी खबरें
View Allउज्जैन
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
