23 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Unique Innovation : 13 साल की ब्राह्मी ने बनाई कमाल की सीट, पृथ्वी पर विनाश को लेकर अलर्ट करेगी ये घड़ी

MP Scientist Surprising innovation: उज्जैन, नागदा और शाजापुर के युवा वैज्ञानिकों की अनूठी खोज, अविश्वसनीय और चमत्कारी इनोवेशन से जीवन आसान बना रहे हमारे होनहार साइंटिस्ट...पढ़ें पत्रिका की विशेष रिपोर्ट...

5 min read
Google source verification
surprising_unique_innovation_of_climate_clock_alert_us_about_destruction_on_the_earth_on_science_day_by_scientist_of_mp.jpg

MP Scientist Surprising innovation: हमारे होनहार अपनी रचनात्मक सोच, नई आइडियालॉजी के साथ जीवन में बिग चैंज लाने के चमत्कारिक प्रयास में जुटे हैं। विज्ञान के इन चमत्कारों का आधार निश्चित भौतिक, रसायन, वनस्पति और प्राणी शास्त्र के आधारभूत सिद्धांत है लेकिन जिस रचनात्मकता और नए पन के साथ वह प्रयोग कर रहे हैं, वह आम लोगों को दांतों तले अंगुली दबाने को मजबूर कर देते हैं। इतना ही नहीं अपने इनोवेशन को पेटेंट भी करा रहे हैं, जिससे हर व्यक्ति को लाभ पहुंचा सकें। ऐसे ही महान वैज्ञानिक सीवी रमन रहे, जिनके नाम पर हर साल 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया जाता है। इस अवसर पर जरूर पढ़ें शाजापुर, उज्जैन के होनहार युवा साइंटिस्ट पर पत्रिका की विशेष रिपोर्ट...

माधव साइंस कॉलेज के विद्यार्थियों ने कुछ वर्ष पहले इस जलवायु तापमान नापने वाली घड़ी बनाई थी। साइंस कॉलेज प्रवेश द्वार पर यह लगी है। प्रो. कल्पना सिंह ने बताया कि यह जलवायु तापमान घड़ी पृथ्वी के बढ़ते तापमान के खतरे को दर्शा रही है। पृथ्वी का तापमान 1.5 डिग्री सेंटीग्रेड बढ़ जाने से जलवायु में विनाशकारी परिवर्तन होंगे। यह घड़ी इंगित करती है कि इस वृद्धि में कितना समय बचा है। इस विनाश से बचने के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं और जलवायु तापमान को बढऩे से रोकना हमारा दायित्व है।

हर्बल मंजन से दूर होगा पायरिया

रोग बीएससी ऑनर्स के छात्र कौटिल्या किशोर ने एक ऐसा हर्बल मंजन तैयार किया है, जो पायरिया जैसे रोग दूर करने में कारगर है। इनका कहना है कि जिनके मसूड़ों से खून आता है, दुर्गंध आती है, दांतों में कीड़ा लग जाता है, इस हर्बल मंजन से ये सब परेशानियां दूर होती हैं।

केरला से आकर उज्जैन में बीएससीकोर्स कर रही स्टूडेंट श्वेता एसबी का कहना है कि नेचरल हेयर डाई तैयार की है। इस हेयर डाई से बालों की ग्रोथ होती है, सफेद बाल काले होते हैं। ये केमिलकल फ्री है। इससे किसी तरह के साइड इफेक्ट नहीं होता है।

छात्र पीयूष तिवारी बीएससी और छात्रा दर्शिता सिसौदिया जो कि केमेस्ट्री ऑनर्स हैं ने मिलकर हर्बल खाद का शानदार प्रोडक्ट तैयार किया है। इनका कहना है कि खेती किसानी करने वालों के लिए यह खाद वरदान साबित होगी। इसमें किसी तरह का केमिकल यूज नहीं किया गया है। बाजार में मिलने वाले रासायनिक खाद डालने से फसलें खराब और बेस्वाद हो जाती हैं।

शाजापुर बस स्टैंड के पास रहने वाली इंटरनल स्कूल ऑफ स्टडीज की आठवीं कक्षा की 13 साल की छात्रा ब्राह्मी पिता त्रिशलानंदन जैन ने कमाल की सीट तैयार की है। यह सीट बस-ट्रक जैसे बड़े वाहनों के मैकेनिकल कार्य में वरदान साबित होगी। आसानी से वाहन के नीचे जाकर रिपेयरिंग की जा सकती है और अचानक यदि जैके हट भी गया तो भी मैकेनिक को कुछ नहीं होगा। ये सीट उसके जीवन की भी रक्षा करेगी। इस आविष्कार के चलते ब्राह्मी का चयन पहले जिला, फिर राज्य और फिर राष्ट्रीय स्तर पर हुआ। अब इस आविष्कार को सरकार की ओर से पेटेंट कराया जाएगा। जहां वो विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में इसे और बेहतर बनाने पर कार्य करेगी।

घरेलू और डिजीटल सामग्री से ढाई हजार रुपए की लागत से ब्राह्मी ने मल्टीपर्पस सीट का आविष्कार किया है। एक बार ब्राह्मी परिवार के साथ कहीं बाहर गई थी, रास्ते में एक ढाबे पर भोजन करते समय एक ट्रक को ठीक कर रहे मैकेनिक को ट्रक के नीचे आने-जाने और ठीक करने में आ रही परेशानी को देखा तो मन में इस काम काे आसान करने का विचार आया। ब्राह्मी ने पिता त्रिशलानंदन जैन जो खुद एक इंजीनियर हैं से आइडिया के बारे में चर्चा की। साथ ही स्कूल के शिक्षक शैलेंद्र कसेरा को भी इस बारे में बताया। बाद में पिता और शिक्षक के मार्गदर्शन में ब्रह्मी ने ये सीट तैयार की है। इसमें पहिए, टॉर्च, मोबाइल स्टैंड भी है। इस कमाल की सीट में औजार रखे जा सकते हैं। यदि अचानक जैक निकल जाए तो वाहन स्टैंड पर टिक जाता है। दुर्घटना होने से बच सकती है। मैकेनिक के लिए एडजेस्टेबल एयर कुशन लगाया गा है। काम नहीं होने पर सीट को उल्टा करके रखा जा तो ये एक टेबल की तरह यूज की जा सकती है।

आविष्कार को सरकार की ओर से पेटेंट कराया जाएगा। हालांकि अभी ब्राह्मी केवल 13 साल की है। ऐसे में पेटेंट को ब्राह्मी के पिता के साथ कराया जाएगा। ब्राह्मी का इंस्पायर अवॉर्ड में राष्ट्रीय स्तर पर चयन हुआ है, इसलिए स्कूल शिक्षा विभाग के जारी कैलेंडर में भी जगह मिली है।

नलखेड़ा के युवा वैज्ञानिक ने मुस्तफा अली पिता कासिम अली ने दो साल की मेहनत के बाद मोडिपुाइड करके हर मौसम में काम आने वाले कूलर का आविष्कार किया है। ये कूलर जहां गर्मियों में घर को ठंडा रखेगा वहीं सर्दियों में गर्मी का अहसास कराएगा। वहीं बारिश के दिनों में इसकी हवा में कपड़े सुखाने के काम भी आएगा। इस कूलर को एक साल पहले पेटेंट भी मिला है। जल्द ही ये बाजार में उपलब्ध होगा।

शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज आगर में मैकेनिकल ब्रांच के छात्र मुस्तफा ने बताया कि 'गर्मी छोड़कर अन्य मौसम में बेकार पड़े रहने वाले कूलर को देखकर आइडिया आया। आविष्कार का श्रेय कमला सागर स्कूल नलखेड़ा की अटल टिंकरिंग लैब के शिक्षक शैलेंद्र कसेरा को दिया है। इनके कारण ही इस क्षेत्र का संभवत: पहला पेटेंट होल्डर इनोवेटर छात्र बन पाया हूं।'

ये भी पढ़ें : bharat jodo nyay yatra : हाइवे की जगह अब स्टेडियम में होगी राहुल गांधी की सभा, मिनट टू मिनट शेड्यूल
ये भी पढ़ें : Regional Industry Conclave : यहां निवेश की तैयारी में अंबानी, 1 और 2 मार्च को एमपी में होंगे देश के ये बड़े बिजनेसमेन