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उज्जैन. हमारे देश की आजादी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नि:स्वार्थ भाव से किये गये संघर्ष का परिणाम है। गांधी ने नि:स्वार्थ सेवा भाव के लिए नये मूल्य और आदर्श स्थापित किए है। वर्तमान में हमारी महान संस्कृति में कुछ विकृति जरूर आई है और इसीलिए नि:स्वार्थ सेवा का भाव कम होता जा रहा है। हमें फिर से महात्मा गांधी के जीवन दर्शन की ओर लौटना होगा।
उक्त विचार प्रशांति धाम, नई दिल्ली के अध्यक्ष केपी डोगरा ने भारतीय ज्ञानपीठ में आयोजित डॉ. शिवमंगल सिंह सुमन स्मृति अभा सद्भावना व्याख्यान माला के दूसरे दिवस पर मानवता की नि:स्वार्थ सेवा विषय पर मुख्य वक्ता के रूप में व्यक्त किए। डोगरा ने कहा किभारत की संस्कृति नि:स्वार्थ सेवाभाव प्रधान संस्कृति है। हमारे यहां बालक के जन्म लेने के बाद उसे संस्कारों के रूप में निस्वार्थ सेवा का भाव सिखाया जाता है। मानवता की नि:स्वार्थ सेवा प्रत्येक युग में हुई है। कई और उदाहरण है जो हमें नि:स्वार्थ सेवा भावकी प्रेरणा देते है। भगतसिंह के मन में यह नि:स्वार्थ भाव से देश की सेवा करने की प्रेरणा थी, जिसके चलते जब उनसे पुछा जाता कि आपने अभी तक विवाह क्यों नहीं किया हैं? उनका जवाब होता था कि मैने तो अपने देश की आजादी से ही विवाह कर लिया है। मदर टेरेसा की नि:स्वार्थ सेवा भाव से सम्पूर्ण विश्व प्रेरणा लेता है। उन्होंने गरीबों, लाचार, पीडि़तों और दिन-दुखियों की जो सेवा की है वह नि:स्वार्थ सेवा भाव का ही उदाहरण है। नि:स्वार्थ सेवा सच्चे दिल से किए जाने वाली सेवा है। समाज में यदि सद्भावना कायम करना है, तो वह नि:स्वार्थ सेवाभाव से ही आ सकती है। हमें उन कारणों को खोजना होगा जिनसे हम नि:स्वार्थ सेवा के भाव से दूर होते जा रहे है। हमें अपनी जिम्मेदारी बेहतर रूप से निभाना होगी।
युवा पीढ़ी में सद्भावना का समावेश करना होगा
व्याख्यान माला में स्वतंत्रता सेनानी प्रेमनारायण नागर ने कहा कि समाज में सद्भावना के मूल मंत्र को स्थापित करने का दायित्व हम सभी का है। हम भविष्य में एक उन्नत भारत देखना चाहते है, तो हमें युवा पीढ़ी में सद्भावना का समावेश करना होगा। इस अवसर पर भारतीय विद्यालय के विद्यार्थियों ने मुक अभिनय की प्रस्तुति दी। संस्था की छात्राओं ने सर्वधर्म प्रार्थना प्रस्तुत की। स्वागत क्रांतिकुमार वैद्य, रमेश चन्द्र जोशी, एचएल महेश्वरी, शैलेन्द्र पराशर,शिव चौरसिया ने किया। स्वागत उद्बोधन रश्मि शर्मा ने दिया। संचालन सीमा दुबे ने किया। आभार कृष्णमंगल सिंह कुलश्रेष्ठ ने माना।
व्याख्यानमाला में आज
व्याख्यानमाला में शुक्रवार को शाम ५ बजे पीडी तिवारी नई दिल्ली का हेप्पी एण्ड हेल्दी लाईफ विषय पर व्याख्यान होगा। पूजा व्यास लखनऊ वैश्वीकरण के युग में नैतिक मूल्यों की व्यापकता और उपयोगिता विषय पर व्याख्यान देंगी।
Published on:
27 Sept 2018 08:48 pm
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