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उज्जैन। 1 जून से गांव बंद से एक दिन पहले ही आमजन ने इसकी तैयारियां शुरू कर दी हैं। गुरुवार को कम आवक और अधिक खपत के चलते सब्जियों के दाम तीन गुना तक पहुंच गए। सब्जियों की फेरी लगाने वाले दोगुनी सब्जियां बेचकर आधे से भी कम समय में घर लौट गए, लेकिन दूध को लेकर अब भी आशंका जारी है। शुक्रवार शाम तक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। संभावना जताई जा रही है कि ज्यादातर शहरवासियों के दूध की जरूरत सांची द्वारा ही पूरी की जाएगी।
सब्जियों के दाम में उछाल
गुरुवार को एकाएक सब्जियों के दाम में उछाल देखने को मिला। सब्जियां तीन गुना दामों में बिकी। इसके अलावा सब्जियों की आवक भी कम हुई। सब्जी थोक और खेरची व्यापारियों के अनुसार औसत से कम आवक और अधिक खपत के चलते आमतौर पर मंडी में सुबह 5 से 8 बजे तक चलने वाली नीलामी 6 बजे ही खत्म हो गई। सब्जी की फेरी लगाने वाले ठेला व्यापारियों के अनुसार तीन गुना दाम के बावजूद गृहणियों ने तीन से चार दिन की सब्जियां खरीदी। दोपहर 1 बजे तक आमतौर पर सब्जी से बेचकर घर लौटने वाले ठेला व्यापारी सुबह 10 बजे ही घर लौट गए। शुक्रवार को लेकर अब भी स्थिति शंकास्पद है। क्योंकि आंदोलन की अगुवाई करने वाले किसान नेताओं ने किसी भी प्रकार का दबाव बनाकर किसानों को सब्जी-दूध बेचने से मना करने को लेकर इनकार किया है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि अपनी उपज लेकर जो किसान जाना चाहता है उसे किसी प्रकार से रोका नहीं जाएगा। वहीं आंदोलन का विरोध करने वाले किसान नेता किसानों को मंडी सब्जी और दूध बेचने के लिए सहमत करने में जुटे हैं, जिससे आंदोलन के दो फाड़ हो गए हैं। शुक्रवार शाम तक आंदोलन को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
सांची ने किया दो लाख लीटर का स्टाक
इधर, किसान आंदोलन को लेकर सांची डेयरी ने दो लाख लीटर दूध का स्टॉक किया है। सांची के सीइओ एसके श्रीवास्तव ने बताया कि शहर में आम दिनों में 30 हजार लीटर दूध की खपत है। शुक्रवार को डिमांड दोगुनी है। करीब 50 हजार लीटर की डिमांड शहर के पार्लरों द्वारा की गई है। शुक्रवार को दूध के कलेक्शन के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
डेयरी संचालकों में असंमजस
आंदोलन को लेकर डेयरी संचालकों मे भी असंमजस की स्थिति है। न्यू इंदिरा नगर में डेयरी संचालक सोनू यादव ने बताया कि शुक्रवार सुबह तो दूध की सप्लाई होगी, लेकिन शाम की स्थिति स्पष्ट नहीं है। जिन ग्रामीणों से दूध लाते हैं वे भी कुछ खुलकर नहीं बता रहे हैं। छोटे दूध उत्पादक तो आंदोलन के विरोध में हैं, लेकिन बड़े उत्पादक इससे पक्ष में हैं। जिस वजह से स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है।
डेढ़ घंटे में ही बिक गई सारी सब्जी
फेरी लगाकर सब्जी बेचने वाले सुनील प्रजापति ने बताया कि वे सुबह 7.30 बजे सब्जी को ठेला लेकर कॉलोनियों में निकलते हैं तो दोपहर 1 बजे तक सब्जियां बेचकर फ्री होते हैं। इसमें भी थोड़ी सब्जियां बच जाती हैं। लेकिन गुरुवार को सब्जियां करीब तीन गुना भाव में बेची बावजूद सुबह 10 बजे तक सारी सब्जियां बिक गईं।
टमाटर में सबसे ज्यादा उछाल
दौलतगंज सब्जी मंडी के थोक व्यापारी दीपक चंदेरीवाल ने बताया कि महीने के अंतिम दिन इंदौर सब्जी मंडी में अवकाश रहता है। इंदौर से करीब 70 प्रतिशत सब्जियां आती हैं। जिस वजह से सब्जियों की आवक कम है। इसके अलावा मांग भी बहुत ज्यादा थी। सामान्य खेरची खरीदारोंं के अलावा घरेलू उपयोग के लिए भी लोग सब्जियां खरीदकर ले गए। जिस वजह से दाम तीन गुना तक रहे। बुधवार तक 10 रुपए किलो तक बिकने वाला टमाटर गुरुवार को 25 से 30 रुपए किलो हो गया। एेसे ही अन्य सब्जियों के भी दाम रहे।
Published on:
31 May 2018 09:33 pm
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