
Ujjain News: महाकाल की नगरी से होकर गुजरेगी, नवंबर में लांचिंग की तैयारी, समय सारिणी का इंतजार, भगवान राम के वनवास काल से जुड़े स्थानों को अब निहार सकेंगे श्रद्धालु
उज्जैन. धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से मप्र में जल्द ही रामायण एक्सप्रेस शुरू होने जा रही है। यह स्पेशल ट्रेन साप्ताहिक तौर पर चलाई जाएगी, जो महाकाल की नगरी उज्जैन से होकर भी गुजरेगी। ट्रेन शुरू होने से भगवान राम के वनवास काल से जुड़े विभिन्न स्थानों को भक्तगण नजदीक से निहार सकेंगे। प्राप्त जानकारी अनुसार 18 नवंबर- 2019 में इसको शुरू करने की तैयारी है। फिलहाल ट्रेन के समयसारिणी जारी होने का इंतजार है।
2018 में विशेष पर्यटक ट्रेनों के चार पैकेजों के सफल संचालन बाद भारतीय रेलवे ने श्री रामायण यात्रा एक्सप्रेस को टूर पैकेज में शामिल कर नवंबर २०१९ में शुरू करने की तैयारी की है। पीआरआे, रतलाम मंडल जयेंद्र के अनुसार श्री रामायण यात्रा नाम से पहली एसी कोच ट्रेन जयपुर से दिल्ली के लिए प्रस्थान करने वाली है। इस पैकेज में सीमित संख्या में सीटों के लिए श्रीलंका में रामायण से संबंधित स्थानों पर जाने का विकल्प भी शामिल हैं। रामायण एक्सप्रेस नाम से दूसरी ट्रेन मध्यप्रदेश के इंदौर से वाराणसी के बीच शुरू हो सकती है, लेकिन अभी तक इसका समय सारिणी तय नहीं हो सकी है।
कहां-कहां से होकर गुजरेगी रामायण एक्सपे्रस
प्राप्त जानकारी के अनुसार यदि यह ट्रेन शुरू होती है तो 18 नवंबर 2019 को इंदौर से देवास, उज्जैन, मक्सी, शुजालपुर, सीहोर, बैरागढ़ (भोपाल), विदिशा, बीना, ललितपुर और झांसी सहित विभिन्न मंडल स्टेशनों से होती हुई वाराणसी पहुंचेगी।
प्लेटफॉर्म नं. 1 का कायाकल्प, लग रहे ग्रेनाइट पत्थर
उज्जैन रेलवे स्टेशन पर इन दिनों प्लेटफॉर्म नं. 1 पर कायाकल्प का कार्य चल रहा है। पुराने कोटा स्टोन पर नए ग्रेनाइट पत्थर लगाए जा रहे हैं। इससे आने वाले समय में यात्रियों को ट्रेन से उतरने में सुविधा तो मिलेगी ही, वहीं दुघर्टनाओं से भी बच सकेंगे। धार्मिक शहर होने के चलते महाकाल दर्शन व अन्य पर्व और त्योहारों पर उमडऩे वाली भीड़ का सबसे अधिक दबाव स्टेशन पर पड़ता है। इसलिए प्लेटफॉर्म नं. 1 का कायाकल्प किया जा रहा है। पूरे प्लेटफॉर्म पर अधिक लंबाई वाले ग्रेनाइट पत्थर लगाए जा रहे हैं। इससे जहां प्लेटफॉर्म की ऊंचाई बढ़ेगी, वहीं यात्रियों को फिसलने की वजह से होने वाली दुर्घटना का शिकार भी नहीं होना पड़ेगा।
पुराने पत्थर टूटने लगे थे
प्राप्त जानकारी अनुसार स्टेशन के प्लेटफॉर्म नं. 1 पर लगे पुराने कोटा स्टोन टूटने लगे थे, इस वजह से इसका सुधारीकरण न करते हुए पूरे प्लेटफॉर्म पर ही ग्रेनाइट पत्थर लगाए जा रहे हैं। रतलाम रेल मंडल द्वारा इस कार्य के लिए निजी कंपनी को करोड़ों में ठेका दिया गया है। लगभग एक माह में यह कार्य पूर्ण होने की संभावना जताई जा रही है।
ट्रेन की दो सीढ़ी उतरते ही जाएंगे प्लेटफॉर्म पर
नए ग्रेनाइट पत्थर लगने के बाद ट्रेन से प्लेटफॉर्म की दूरी कम हो जाएगी। खासकर बुजुर्ग यात्रियों को ट्रेन से प्लेटफॉर्म पर उतरने में सुविधा मिलेगी। क्योंकि ग्रेनाइट पत्थरों के लग जाने से प्लेटफॉर्म की ऊंचाई लगभग 6 इंच बढ़ जाएगी।
Published on:
22 Sept 2019 08:30 am

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