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उज्जैन में हत्याकांड, समझौता एक्सप्रेस और मालेगांव बम ब्लास्ट से भी जुड़े हैं इन आरोपियों के नाम

हाईप्रोफाइल आरोपियों से मिलने के लिए पहुंचे दो सौ समर्थक
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उज्जैन

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Lalit Saxena

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Updated: 16 Nov 2018, 8:47 PM IST

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उज्जैन. शहर का बहुचर्चित मुजीब लाला हत्याकांड सालों बाद भी हाईप्रोफाइल बना हुआ है। इसके पीछे कारण आरोपियों का समझौता एक्सप्रेस और मालेगांव बम ब्लास्ट से जुड़ा हुआ होना है। हत्याकांड के आरोपी लोकेश शर्मा मालेगांव बम ब्लास्ट और समझौता एक्सप्रेस बम ब्लास्ट में आरोपी हैं। इसी तरह राजेंद्र भी समझौता ब्लास्ट में आरोपी है। आरोपियों के वकील एडवोकेट राजेंद्र का कहना है कि सभी प्रकरण विचाराधीन है। कुछ में बरी हो चुके हैं।

ट्रेन में बम रखने का आरोप
समझौता एक्सप्रेस में 2011 में बम ब्लास्ट हुआ। इस घटना में लोकेश और राजेंद्र पर ट्रेन में बम रखने का आरोप लगा। इसके चलते इन पर हत्या, साजिश, देशद्रोह और रेलवे एक्ट में प्रकरण दर्ज हुआ। इस घटना के मास्टर माइंड असीमानंद थे। इसी तरह लोकेश पर मालेगांव बम ब्लास्ट में आरोपी है। हालांकि प्रज्ञा ठाकुर की तरह उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं मिले।

सैकड़ों की संख्या में समर्थक पहुंचे
मुजीब लाला हत्याकांड के आरोपी शुक्रवार दोपहर कोठी स्थित न्यायालय परिसर में पहुंचे। इस दौरान भारी संख्या में पुलिस बल तैनात था। साथ ही विशेष सख्ती भी परिसर में रही। इन आरोपियों से मिलने के लिए करीब दो सौ से अधिक समर्थक कोर्ट परिसर पहुंच गए।

12 साल पुराने हत्याकांड में आरोपी हैं दोनों
उज्जैन के 12 साल पुराने बहुचर्चित मुजीब लाला हत्याकांड के दो आरोपियों को शुक्रवार को जिला न्यायालय में पेश किया गया। दोनों ही हरियाणा जेल में अन्य अपराध में बंद थे। उज्जैन जिला न्यायालय के प्रोटेक्शन वारंट पर हरियाणा पुलिस इन्हें उज्जैन लेकर पहुंची। यहां न्यायालय में सुनवाई के बाद दोनों को तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। बता दें कि मुजीब लाला हत्या कांड में एक आरोपी सुदीप उपाध्याय की गिरफ्तारी वर्ष 2012 में हुई। उसमें जुर्म स्वीकार करते हुए बताया था कि लोकेश पिता गोपाल शर्मा निवासी महू और राजेंद्र पिता विक्रम सिंह निवासी देपालपुर के साथ मिलकर उसने घटना को अंजाम दिया।

अंबला से लाई दोनों आरोपियों
हत्याकांड के दो आरोपी दिल्ली में हुए अपराध वर्ष 2013 से जेल में थे। हरियाणा पुलिस उज्जैन न्यायालय द्वारा जारी प्रोटेक्शन वारंट पर दोनों को लाई। यहां से इन्हें हत्याकांड में शामिल हथियार की जप्ती व अन्य जानकारी जुटाने के लिए तीन दिन की रिमांड पर माधव नगर पुलिस को सुर्पुद किया गया है। दोनों दिल्ली में हत्या, हत्या के प्रयास और रेलवे एक्ट की धाराओं के अपराध में आरोपी हैं।

दशहरा मैदान पर मारी थी गोली
बहुचर्चित मुजीब लाला हत्याकांड 24 जून 2006 को हुआ। इसमें दशहरा मैदान पर अज्ञात अरोपियों ने महानंदा नगर निवासी मुजीब पिता सत्तार खां (30) गोली मार दी। माधवनगर पुलिस लंबे समय तक मामले में आरोपियों को तलाश नहीं पाई। प्रकरण में पहली गिरफ्तारी वर्ष 2012 में सुदीप उपाध्याय की हुई। उसने बताया कि अपने साथी राजेंद्र और लोकेश के साथ उन्होंने मुजीब की हत्या की।