
उज्जैन। शहर में अब धार्मिक, विवाह समारोह या अन्य आयोजनों में अब लोगों को मिट्टी या कागज के गिलास तो लकड़ी से बने चम्मच या प्लेटों का उपयोग करना होगा। ऐसा शहर में शहर में 1 जुलाई से सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगने से होने जा रहा है। इसके तहत आइसक्रीम से डंडी, झंडे, कप, ग्लास से लेकर मिठाई के डिब्बों पर लपेटी जाने वाली पन्नी सहित करीब 19 प्लास्टिक सामग्री पर रोक लगेगी। यहां तक कि प्लास्टिक से बनी इन सामग्रियों का भंडारण व परिवहन तक भी नहीं हो सकेगा। केंद्र सरकार द्वारा निर्देशों के तहत राज्य सरकार ने नगर निगमों में इन पर प्रतिबंध को लेकर निर्देश भी जारी कर दिए हैं।
राष्ट्रीय स्तर पर हो रहा विरोध
सरकार के इस निर्णय से प्लास्टिक सामग्री निर्माण व विक्रय पर प्रतिबंध से देश में 4 करोड़ तो उज्जैन में करीब 500 व्यवसायी प्रभावित होंगे। प्लास्टिक की तुलना में वुडन, कागज या मिट्टी से बननी सामग्री महंगी होगी, इससे आयोजन और खर्चीले होंगे। सरकार के इस फैसल पर दोबारा से विचार करने की जरूरत है। राष्ट्रीय स्तर पर इसका विरोध भी हो रहा है।
नीलेश गर्ग, उद्योगपति, कृष्णा डिस्पोजल
गाइड लाइन का पालन करेंगे
सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध को लेकर शासन द्वारा जारी की गई गाइड लाइन का पालन किया जाएगा। इस संबंध में संबंधितों को निर्देश जारी किए जाएंगे।
आदित्य नागर, अपर आयुक्त नगर निगम
यह सामग्री होगी प्रतिबंधित
● प्लास्टिक स्टिक सहित ईयर बर्ड
● गुब्बारे में उपयोग होने वाली प्लास्टिक डंडी
● प्लास्टिक के झंडे
● कैंडी स्टिक
● थर्मोकोल की सजावट सामग्री
● प्लास्टिक की प्लेट, कप, गिलास, चम्मच, चाकू, स्ट्रा, ट्रे, जैसे कटलरी सामान
● मिठाई के डिब्बों पर लपेटने वाली फिल्मे, निमंत्रण कार्ड और सिगरेट के पैकेट
● 100 मइाक्रॉन से कम मोटाई वाले प्लास्टिक पीवीसी बैनर
● प्लास्टिक स्ट्रीटर
Updated on:
17 Jun 2022 10:39 am
Published on:
17 Jun 2022 10:38 am
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