
मध्य प्रदेश की धर्म नगरी उज्जैन ( City of Mahakal ) में साल 2028 में होने वाले सिंहस्थ कुंभ ( Sinhastha Kumbha Mela ) को लेकर मध्य प्रदेश सरकार ( MP Government ) ने तकीब 4 साल पहले से ही तैयारियां शुरू कर दी हैं। खास बात ये है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ( CM Dr Mohan Yadav ) खुद सिंहस्थ कुंभ की कमान अपने हाथ में संभालेंगे। सिंहस्थ कुंभ 2028 ( ujjain kumbh 2028 ) के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एक कैबिनेट कमेटी ( Cabinet Committee ) बनेगी, जिसकी निगरानी खुद सीएम मोहन यादव करेंगे।
इस संबंध में सिंहस्थ की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मंगलवार को अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक ली। बैठक में सीएम ने मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एक कैबिनेट कमेटी गठित करने का फैसला लिया, जो आयोजन की निगरानी और समन्वय का काम करेगी। सिंहस्थ से पहले उज्जैन ही नहीं बल्कि मालवा-निमाड़ के क्षेत्रों का भी विकास किया जाएगा, ताकि सिंहस्थ में आने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा और शहर में व्यवस्थाएं सुगम रहें। इसी के चलते क्षिप्रा नदी को प्रदूषण मुक्त करने की नई रूप रेखा बनाई जाएगी। साथ ही सुचारू आवागमन के लिए उज्जैन रेलवे स्टेशन की क्षमता भी बढ़ाई जाएगी। इस पूरे काम को 3 साल के भीतर पूरा किया जाएगा।
उज्जैन में हर 12 साल में आयोजित होने वाले सिंहस्थ कुंभ की तैयारियों को लेकर एक बैठक में मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं के सुचारू आवागमन के लिए जावरा-उज्जैन, इंदौर-उज्जैन फोरलेन, उज्जैन रेलवे स्टेशन की क्षमता वृद्धि करने और उज्जैन के आस-पास फ्लेग स्टेशन विकसित करने जैसे बड़े काम को तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए।
बाबा महाकाल की नगरी में हर 12 साल में आयोजित होने वाले कुंभ 2028 को लेकर एक तरफ जहां सरकार ने जोर शोऱ से तैयारियां शुरु कर दी हैं तो वहीं दूसरी तरफ कुंभ की तारीखों का ऐलान भी किया जा चुका है। उज्जैन में होने वाला सिंहस्थ महापर्व की शुरुआत इस बार 27 मार्च 2028 से होगी, जो 27 मई 2028 तक चलेगा। इस दौरान कई आयोजन किए जाएंगे।
उज्जैन सिंहस्थ कुंभ 2028 को ध्यान में रखते हुए उज्जैन के साथ-साथ पूरे मालवा और निमाड़ के जिलों में भी विकास कार्य किए जाएंगे। सिंहस्थ कुंभ के बेहतर प्रबंधन और समन्वय के लिए विभागीय अधिकारियों का दल प्रयागराज और हरिद्वार कुंभ का अध्ययन भी करेगा। इस दौरान मध्य प्रदेश सीएम ने कहा कि नमामि गंगे की तर्ज पर नमामि क्षिप्रा योजना शुरू होगी।
अधिकारियों के साथ बैठक में चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने निर्देश दिया कि उज्जैन में विकसित होने वाली स्पिरिचुअल सिटी के लिए महाकाल, महालोक के प्रथम और द्वितीय चरण में पूरे किए जाएं। साथ ही, उज्जैन विकास प्राधिकरण और गृह निर्माण मंडल की योजनाओं को सम्मिलित करते हुए कार्य योजना बनाने का भी निर्देश दिये हैं।
Published on:
22 May 2024 01:58 pm
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