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शाजापुर में पथराव के बाद भगदड़

नाल साहब की सवारी के दौरान हुआ विवाद

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Stampede after stone pelting in shajapur

नाल साहब की सवारी के दौरान हुआ विवाद

शाजापुर. शहर में निकलने वाली नाल साहब की सवारी में हुए पथराव के बाद भगदड़ मच गई। इस दौरान शहर में सोमवार रात 11.45 बजे तनाव फैल गया, जिसके बाद उत्पाती युवाओं ने अनेक वाहनों में तोडफ़ोड़ कर दी। इसमें एक ऑटो सहित तीन बाइक शामिल है, जिसमें एक पुलिसकर्मी की बाइक में भी तोडफ़ोड़ की गई। विवाद नाथवाड़ा क्षेत्र में हुआ। विवाद की स्थिति देख पुलिस ने सवारी का एक हिस्सा रोककर रखा, जिसे बाद में सुरक्षा इंतजाम कर रवाना किया गया। इस आयोजन में करीब २० हजार लोग सवारी देखने पहुंचे थे। मौके पर डीआईजी अनिल शर्मा भी पहुंच गए थे।

इसके पहले हाथों में मशाल और दिल में हुसैनी जज़्बा, लबों पर या अली या हुसैन के नारे और जंजीरों में जकड़े नाल साहब, अखाड़ों का हुजूम और उसे निहारता हजारों की संख्या में जनसैलाब, उस पर पुलिस की पैनी निगाह। यह नजारा था शहर में निकलने वाली ऐतिहासिक नाल साहब की सवारी मशाल जुलूस का।
सोमवार रात १०.३० बजे पिंजारवाड़ी उर्दू मैदान से नाल साहब की सवारी मशाल जुलूस शुरू हुआ। जुलूस के दौरान शहर में हजारों लोगों का हुजूम रहा। जुलूस में आगे-आगे पुलिस फोर्स जुलूस को कंट्रोल करती हुई चल रही थी। इनके पीछे जीप व बाइक पर सवार युवा शामिल थे, इनके साथ शहर के सभी अखाड़ों का हुजूम था, इनके पीछे सैकड़ों मशाले लेकर युवा दौड़ रहे थे। मशालों के बीच जंजीरों से जकड़े हुए नाल साहब बाबा को ले जाया जा रहा था। मशाल जुलूस देखने के लिए जिलेभर के साथ अन्य बड़े शहरों से लोग शहर पहुंचे।
साल में एक दिन मोहर्रम की 9 तारीख को निकलने वाली इस ऐतिहासिक सवारी में सैकड़ों लोगों ने चांदी की नाल चढ़ाकर मुरादे भी की। पिंजारवाड़ी से शुरू होकर नाल साहब की सवारी किला रोड़, वजीरपुरा, बालवीर चौराहा से लालपुरा, मगरिया होते हुए सोमवारिया बाजार, छोटा चौक, आजाद चौक, नई सड़क से नूर मंडी, मनिहारवाड़ी, कमरदीपुरा, चौबदारवाड़ी, दायरा, बादशाही रोड, मोमनवाड़ी, मुगलपुरा व मीरकला बाजार होते हुए पुन: पिंजारवाड़ी पहुंची। जहां समापन हुआ।
दुलदुल-बुर्राक को
दी सलामी
सवारी के दौरान नाल साहब बाबा की शहर के तमाम मोहल्लों में रखे दुलदुल और बुर्राक को सलामी दिलाई गई। जिसके आधार पर ही सवारी का रूट तय होता है। दो घंटे निकलने वाली इस सवारी में पुलिस प्रशासन के भी पुख्ता इंतजाम किए हुए थे। इस दौरान कोई दुर्घटना न हो इसलिए फायर ब्रिगेड, एम्बुलेंस व पुलिस फोर्स भी सवारी के साथ चल रहे थे।
नदी में पानी होने
से बदला रूट
इधर बारिश के चलते चीलर नदी उफान पर रही। जिसके चलते कुम्हारवाड़ा क्षेत्र की ओर जाने वाले रास्ते में पानी जमा हो गया। जिसके चलते सवारी का रूट उस स्थान से बदला गया। पानी जमा होने के कारण सवारी किला रोड से वजीरपुरा होते हुए बालवीर हनुमान मंदिर होते हुए पुन: अपने रूट पर पहुंची और लालपुरा की ओर रवाना हुई।
कलेक्टर-एसपी
पहुंचे मौके पर
सवारी के दौरान भगदड़ जैसी स्थिति न बने इसके लिए सवारी में आगे-आगे पुलिस के जवान रस्सी से सवारी को कंट्रोल करते हुए चल रहे थे। पुलिस द्वारा ड्रोन कैमरे, सीसीटीवी कैमरे, वाईफाई कैमरों से व्यवस्था पर सतत् नजर रखी गई। साथ जगह-जगह मोबाइल वाहन लगे थे। जुलूस के आगे पुलिस के लगभग 10 बड़े वाहन और एक दर्जन से अधिक मोटरसाइकिल पर पुलिस जवान चल रहे थे। इसके अलावा शहर के मुख्य बाजार व सड़कों पर भी जवान तैनात किए गए थे। जुलूस के दौरान अनेकों स्थानों पर पहुंचकर कलेक्टर डॉ. वीरेंद्रसिंह रावत और एसपी पंकज श्रीवास्वत ने लगातार जुलूस की मॉनिटरिंग की। जुलूस शुरू होने के पहले भी कलेक्टर एसपी ने मौका मुआयना किया।
महिलाओं ने चढ़ाई नाल
पिंजारवाड़ी स्थित नाल साहब के इमामबाड़े में शाम से मन्नत करने वालों की भीड़ लगी रही। इस दौरान कई महिलाओं ने बाबा को चांदी की नाल भी चढ़ाई। इसके अलावा सवारी के दौरान रास्तेभर मन्नते करने वालों भी भीड़ लगी रही। रास्तेभर लोगों ने बाबा को हार पहनाकर मन्नतें भी की और चांदी की नाल चढ़ाई। बताया जाता है कि मन्नत पूरी होने पर चांदी की नाल चढ़ाई जाती है।
जगह के लिए मची होड़
नाल साहब की सवारी मशाल जुलूस देखने के लिए लोगों में होड़ सी मची रही। महिलाएं भी जल्द घर का काम निपटाकर सवारी देखने के लिए अपने पहचान वालों के यहां निकल पड़ी। महिलाओं ने चौराहों पर घंटों पहले से ही जुलूस देखने के लिए अपनी व्यवस्था कर रखी थी। किसी ने छत की गेलरी में अपनी व्यवस्था की तो किसी ने दुकानों के आगे ओटलों पर बैठकर सवारी देखी।