23 अक्टूबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

मनमर्जी से ‘प्राइवेट स्कूलों’ में नहीं बढ़ेगी फीस, ‘सख्त प्रावधान’ लागू

MP News: अब किताबें, यूनिफॉर्म, टाई और कॉपियों की खरीद पर भी विशेष दुकान से बाध्य नहीं किया जा सकेगा।
less than 1 minute read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

उज्जैन

•

image

Astha Awasthi

•

Updated: 9 Sep 2025, 5:01 PM IST

फोटो सोर्स: पत्रिका

फोटो सोर्स: पत्रिका

MP News: मध्यप्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग ने निजी विद्यालयों में अनियमित फीस वृद्धि रोकने के लिए सख्त प्रावधान लागू किए हैं। निजी स्कूल प्रबंधन को आगामी सत्र के लिए कक्षावार और मदवार प्रस्तावित फीस स्ट्रक्चर स्कूल शिक्षा विभाग के फीस विनियमन पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड करनी होगी।

इसके अलावा अब किताबें, यूनिफॉर्म, टाई और कॉपियों की खरीद पर भी विशेष दुकान से बाध्य नहीं किया जा सकेगा। इस नियम का उद्देश्य अभिभावकों को खुली प्रतियोगिता के तहत उचित मूल्य पर सामान उपलब्ध कराना बताया गया है।

पोर्टल पर अपलोड

राज्य में इस वर्ष तक करीब 10,200 निजी विद्यालयों ने फीस का विवरण पोर्टल पर अपलोड कर दिया है। वहीं, जिन विद्यालयों की किसी भी कक्षा की वार्षिक फीस संरचना 25 हजार रुपए या उससे कम है, उन्हें फीस संरचना अपलोड करने से मुक्त रखा गया है। इसके स्थान पर ऐसे स्कूलों को पोर्टल पर शपथ पत्र अपलोड करने की तिथि दी गई थी। जो भी विद्यालय समय सीमा में जानकारी अपलोड नहीं करेंगे, उनके खिलाफ जिला समिति द्वारा कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

प्रदेश में प्राप्त होने वाली शिकायतों के निराकरण के लिए कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला समिति भी सक्रिय रूप से कार्यरत है। यह समिति निजी विद्यालयों के विरुद्ध शिकायतों की जांच कर उनके समाधान में भूमिका निभा रही है। इस पहल से गुणवत्ता शिक्षा सुनिश्चित करने और अभिभावकों का हित सुरक्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।