1 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

उज्जैन

छात्रनेता बोले-विक्रम विश्वविद्यालय की एक इंच भी जमीन नहीं बेचने देंगे

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने विक्रम विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर भ्रष्टाचार व अव्यवस्थाओं के खिलाफ घंटे भर घेराव कर प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में संभागीय कॉलेजों के बड़ी तादाद में विद्यार्थी शामिल हुए। इस दौरान प्रांत सहमंत्री मालवा रितिक नागर ने चेतावनी दी कि विश्वविद्यालय की 1 इंच भी जमीन नहीं बेचने देंगे। उन्होंने उन कर्णधारों को भी चेतावनी दी, जो विश्वविद्यालय की जमीन बेचने का काम कर रहे हैं।

Google source verification

उज्जैन. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने विक्रम विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर भ्रष्टाचार व अव्यवस्थाओं के खिलाफ घंटे भर घेराव कर प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में संभागीय कॉलेजों के बड़ी तादाद में विद्यार्थी शामिल हुए। इस दौरान प्रांत सहमंत्री मालवा रितिक नागर ने चेतावनी दी कि विश्वविद्यालय की 1 इंच भी जमीन नहीं बेचने देंगे। उन्होंने उन कर्णधारों को भी चेतावनी दी, जो विश्वविद्यालय की जमीन बेचने का काम कर रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि पीएचडी कांड, निर्माण में भ्रष्टाचार, एटीकेटी के नाम पर वसूली, समय में पाबंदी नहीं रखने से एडमिशन, परीक्षा, परिणाम आदि में देरी के साथ होस्टल में पसरी अव्यवस्थाओं को लेकर एबीवीपी ने विक्रम विवि के माधव भवन मुख्य द्वार पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में उज्जैन जिले के साथ नीमच, मंदसौर, रतलाम, देवास, शजापुर आगर-मालवा जिलों से सरकारी, गैर सरकारी कॉलेजों के विद्यार्थी शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान नागर ने विवि प्रबंधन व कुलपति पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा, भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा स्थली को विक्रम विश्वविद्यालय ने भ्रष्टाचार का केंद्र बना दिया है। पीएचडी में फर्जीवाड़ा, निर्माण में भ्रष्टाचार,

विश्वविद्यालय की व्यवस्था को बिगाडऩे की चरम सीमा पर है। इसका ताजा उदाहरण विश्वविद्यालय की जमीन बेचने का निर्णय है। इसका विद्यार्थी परिषद पुरजोर विरोध करता है।

एटीकेटी फंड में भी भ्रष्टाचार

प्रदर्शन के दौरान प्रांत मंत्री राधिका सिंह सिकरवार ने कुलपति व कुलसचिव पर एटीकेटी के नाम से रकम वसूली का आरोप लगाया। छात्रा ने मांग रखी कि एटीकेटी को बंद किया जाना चाहिए, क्योंकि इस पर विवि प्रति विद्यार्थी २ हजार रुपए वसूल रहा है, जिसे छात्र हित में खर्च ना करते हुए इस पर भ्रष्टाचार हो रहा है। प्रदर्शन में रागिनी यादव, महानगर मंत्री गौरव बैंडवाल, विवि संयोजक घनश्याम सिंह चौहान मुख्य रूप से उपस्थित हुए। विभाग संयोजक देवास विभान अग्रवाल, विभाग सहसंयोजक उज्जैन अर्जुन यादव ने भी छात्रों को संबोधित किया।

गर्मी में मूर्छित हो गई छात्रा

प्रदर्शन के दौरान गर्मी सहन नहीं करने से एक छात्रा मूर्छित हो गई, जिसे एम्बुलेंस से उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। एबीवीपी नेता बैंडवाल के अनुसार छात्रा महिदपुर की थी, जो ठरीक होकर घर निकल गई है।

कुलपति को नहीं मिला सुरक्षा घेरा

प्रदर्शन के दौरान बड़ी तादाद में पुलिस मौजूद रही, लेकिन कुलपति प्रो. अखिलेश कुमार पांडेय की सुरक्षा में कोई साथ नहीं रहा। बड़ी तादाद में छात्रों की उपस्थिति और उनका आक्रोश अप्रिय घटना को अंजाम दे सकता था, जिसे देखते हुए कुपति के आसपास पुलिस का सुरक्षा घेरा होना चाहिए था।

विवि में हो रहे भ्रष्टाचार को एबीवीपी ने भी स्वीकारा

उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव के गृह नगर उज्जैन के विक्रम विश्वविद्यालय में भारी भ्रष्टाचार हो रहा है। लगातार हो रही अनियमितताओं पर एनएसयूआई, युवक कांग्रेस के अलावा शहर कांग्रेस प्रदर्शन करती आ रही है। इसे गुरुवार को प्रदर्शन के दौरान एबीवीपी ने स्वीकारोक्ति दे दी है। खिंची ने बताया कि विपक्ष के आंदोलनों के साथ ८ जून को एबीवीपी ने भी भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को लेकर आंदोलन कर दिया। इससे भाजपा सरकार और उच्च शिक्षा विभाग की भारी किरकिरी हुई है। कुलपति, कुलसचिव एवं तमाम अधिकारियों के खिलाफ लोकायुक्त में जांच लंबित है।

अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़ा वर्ग को छोड़ दिया

अम्बेडकर विद्यार्थी संगठन के छात्र नेताराम सोलंकी ने बताया कि घेराव प्रदर्शन में एबीवीपी ने अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़ा वर्ग संबंधी किसी मुद्दे को शामिल नहीं किया। एससी, एसटी के छात्रों को विक्रम विश्वविद्यालय आवास योजना का लाभ नहीं दे रहा है। ओबीसी के छात्रों को पिछले सत्र की छात्रवृत्ति अब तक नहीं मिली है। एबीवीपी ने ज्ञापन में गांव की बेटी, प्रतिभा किरण, मेधावी, संबल कार्ड योजना जैसे किसी भी मुद्दे को नहीं रखा।