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कमलेश वर्मा. नागदा. शहर में भीषण गर्मी का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा। हर दिन पारा उछाल ले रहा है। गुरुवार को अधिकतम पारा ४३.१ डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा वहीं न्यूनतम पारा २३.२ डिग्री मापा गया। हालात यह बने कि सड़कों पर दिन में आग उगलने जैसी स्थिति बनी हुई है। यह जांचा पत्रिका रिपोर्टर ने, जो दोपहर में गर्मी का रियलिटी टेस्ट करने निकले। तपती रोड पर जब दो पापड़ को रखा गया तो एक ओर से पक (सिक) गया। सड़क पर १५ मिनट पापड़ को रखा गया तो वह एक ओर से सिक गया, ऐसे में आप गर्मी के प्रकोप का आसानी से अनुमान लगा सकते हैं।
तपिश ऐसी की सिक गया पापड़
शुक्रवार को भीषण गर्मी थी, कि सड़क तवे के समान तप रही थी। पत्रिका टीम ने जांच के लिए एक प्रयोग किया। महिदपुर रोड स्थित नवीन बस स्टैंड पर पहुंचकर दो पापड़ को सामानांतर रखा गया। शुरु के २ मिनट पापड़ एक ओर से कुछ हल्का सा ही सिक पाया। १५ मिनट के अंतराल में सड़क की तपन बर्दाश्त के बाहर होने लगी। और पापड़ अधकच्चा हो कर आखिकार सिक गया। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है, कि गर्मी कितनी तेज है। गर्मी के कारण शुक्रवार को शहरवासी बेचैन रहे।
धूप से झूलस सकता है चेहरा-दिन प्रतिदिन बढ़ रहे तापमान को लेकर चिकित्सक सतर्कता बरतने की सलाह दे रहे हैं। डॉ. बागेश्वर मिश्रा का तर्क है, कि बढ़ रहे तापमान में हीट स्ट्रोक होने का खतरा अधिक रहता है। दोपहर के समय आवश्यक कार्यों होने पर ही घर से बाहर जाए। साथ ही शरीर में पानी की मात्रा कम ना होने दे, उचित हो तो समय-समय पर फल के जूस का सेवन करें। इन दिनों ० से १० वर्ष के बच्चों पर खासा ध्यान देने की आवश्यकता है। वहीं गर्मी के चलते तबियत असामान्य लगने पर तुरंत चिकित्सक की सलाह लें।
नहीं थमेगा तापमान का कहर
वर्तमान में तापमान ४३.१ डिग्री सेल्सियस पर पहुंचा है। आगामी दिनों में ४५ डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचने की संभावना है। इसकी पुष्टि जीवाजी वेद्यशाला के मौसम अधीक्षक डॉ. आरपी गुप्त स्वयं कर रहे हैं। गुप्त के अनुसार तापमान बढऩे का कारण सूर्य का उत्तर की कर्क रेखा की ओर तेजी से बढऩा है। सूर्य २१ अप्रैल से २१ जून तक कर्क रेखा की ओर बढ़ता है। इसके कारण सूर्य की किरणें पृथ्वी पर सीधी पड़ती हैं। सीधी पडऩे वाली किरणें एकाएक कर तापमान को बढ़ाने में सहायक होती है।
..इधर, आग उगलती गर्मी ने पैरों को झुलसा दिया
गर्मी ने शुक्रवार को सड़कों पर इस कदर कहर बरपाया कि सड़कों पर दिन में आग उगलने जैसी स्थिति बनी हुई है। तपती रोड पर जब एक पैर में मोजे व एक पैर में जूते पहने सड़क पर 15 मिनट बिताए तो पैर सड़क की तपन बदार्शत नहीं कर पाए और लाल हो गए। ऐसे में आप गर्मी के प्रकोप का आसानी से अनुमान लगा सकते हैं। शुक्रवार को ऐसी गर्मी थी, कि सड़क तवे के समान तप रही थी। पत्रिका टीम ने जांच के लिए एक प्रयोग किया। बिरला मंदिर के मुख्य द्वार पर पहुंचकर एक पैर में जूते व एक पैर में मौजे पहनकर 100 कदम चले। शुरू के 2 मिनट सड़क का तापमान सहनीय रहा। जिसके बाद सड़क की तपन बर्दाश्त के बाहर होने लगी और पैरों के जलने का अनुमान होने लगा। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है, कि गर्मी कितनी तेज है।
मौजे आखिर रोक ना सकी सड़क की तपन
बिरला मंदिर की मुख्य सड़क इस प्रकार तप रही थी, कि 3 मिनट होने के बाद सड़कों पर पडऩे वाले कदम पैरों की निचली सतह को जलाने पर मजबूर हो गए और 10 मिनट होते-होते सड़क ने पैरों की निचली सतह को जला दिया। जलने पर पैर का रंग लाल हो गया। जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है। भरी दोपहरी में सड़क पर नंगे पैर निकलना किसी खतरे से खाली नहीं। इतना ही नहीं गर्मी इस कदर बढ़ रही है, कि मौजे भी तपन को रोक पाने में कामयाब नहीं हो पा रहे हैं।
Published on:
05 May 2018 08:02 am
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