
यूनिटी मॉल अब ९० नहीं २८५ करोड़ से बनेगा, टॉकिज, होटल और ऑडिटोरियम रहेगा
उज्जैन. शहर में केंद्र सरकार की मदद से बनने वाले यूनिटी मॉल की लागत में इजाफा किया गया है। पहले यह ९० करोड़ की लागत से बनाया जाना था अब इसे बढ़ाकर २८५ करोड़ रुपए कर दिया गया है। नए प्लॉन के मुताबिक अब तीन मंजिला मॉल बनेगा, जिसमें १०० से अधिक दुकानें रहेगी। इसके साथ ऑडिटोरियम, मल्टी प्लैक्स, होटल के साथ गार्डन जैसी अन्य सुविधाएं भी रहेंगे। यूनिटी मॉल को लेकर बुधवार केंद्रीय राज्यमंत्री सोमप्रकाश ने समीक्षा की
केंद्र सरकार द्वारा देश में बनाए जाने वाले यूनिटी मॉल के लिए मध्यप्रदेश में उज्जैन का चयन किया है। मॉल का निर्माण उज्जैन विकास प्राधिकरण द्वारा किया जाना है। इसके लिए ड्राइंड-डिजाइन व डीपीआर भी तैयार कर ली गई है। पूर्व में मॉल को एक मंजिला होकर इसकी लागत करीब ९० करोड़ तय की गई थी। बाद में इसकी योजना में परिवर्तन किया गया। करीब ५ एकड़ में बनने वाले तीन मंजिला मॉल में १०० से अधिक दुकाने बनाई जाएगी। सथ ही १०० कमरों का होटल, मल्टी प्लैक्स, १५०० क्षमता का ऑडिटोरियम व एक बड़ा गार्डन विकसित किया जाएगा। इसके चलते मॉल की लागत बढ$कर २८५ करोड़ रुपए हो गई है। बुधवार को केंद्रीय राज्यमंत्री सोमप्रकाश ने पॉवर प्रजेटेंशन से समीक्षा करते हुए कहा कि इसमें आम जनता से जुड़ी बेसिक जरूरत की चीजें जैसे फूड, वाटर, क्लॉथ, उद्योग ये सभी जरूरत की चीजें मॉल में मिल जाये। इसके लिए प्रदेश के अन्य मॉल का भी अध्ययन करने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि यूनिटी मॉल ऐसा बनायें, जिसमें हर फेमिली उससे आकर्षित हो और यहां पर आये। समीक्षाा बैठक में कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम, यूडीए अध्यक्ष श्याम बंसल, सीइओ संदीप सोनी सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
इस कारण चयन
प्रदेश में एकमात्र उज्जैन में ही यूनिटी मॉल खोलने का निर्णय श्री महाकाल लोक के कारण लिया गया है। महाकाल लोक में देशभर के श्रद्धालु आएंगे, ऐसे में यहां एक ही छत के नीचे उन्हें देशभर की विभिन्न सामग्री खरीद सकेंगे। मॉल के लिए इंदौर रोड पर जमीन भी चिन्हित कर ली गई है।
इधर, महापौर ने यूडीए को प्रोजेक्ट देने पर जताई आपत्ति
यूनिटी मॉल का निर्माण की जिम्मेदारी उज्जैन विकास प्राधिकरण को सौंपे जाने पर महापौर मुकेश टटवाल ने आपत्ति जताई। उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री शिवराजङ्क्षसह को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि यूनिटी मॉल की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट एव प्राक्कलन उज्जैन स्मार्ट सिटी ने तैयार किया है। स्मार्ट सिटी नगरीय विकास एवं आवास विभाग का उपक्रम है। ऐसे में इसका निर्माण एजेंसी नगर निगम को नियुक्त किया जाना चाहिए। महापौर ने बताया कि निगम ने अपने स्वामित्व की भूमियों पर शॉङ्क्षपग कॉम्पलेक्स, कम्युनिटी हॉल एवं स्वीङ्क्षमग पुल का गुणवत्तापूर्ण निर्माण का संचालन एवं संधारण किया जा रहा है। अगर यूनिटी मॉल का निर्माण व दुकान का आवंटन निगम करता है तो प्राप्त राजस्व से शहर विकास में काम किया जा सकेगा। महापौर ने पत्र में उल्लेख किया कि स्मार्ट सिटी द्वारा नगर निगम की भूमि पर महाकाल लोक आदि के निर्माण कार्य तो हुए लेकिन इससे निगम को कोई आय नहीं हुई बल्की सुविधाएं देने का भार बढ़ गया। इधर, महापौर के पत्र पर यूडीए अध्यक्ष श्याम बसंल का कहना है कि पत्र लिखने से कोई फर्क नहीं पड़ता है। यह शासन का निर्णय है। यूडीए और नगर निगम दोनों शासन के लिए काम करता है।
देशभर के हस्तशिल्प सामग्री रहेगी दुकानें
यूनिटी मॉल का कांसेप्ट इस तर्ज पर बनाया है कि यहां देश के विभिन्न राज्यों की प्रमुख उत्पादों को एक ही छत के नीचे बेचा जा सके। इसी को ध्यान में रखते हुए मॉल में ३० से अधिक राज्यों के हस्तशिल्प सहित अन्य प्रसिद्ध सामग्री दुकान रहेगी।
Published on:
29 Jun 2023 02:24 am
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