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केंद्रीय मंत्री ने चलाई मोटो ट्राइसिकल… और फिर बालें

कृत्रिम अंग व उपकरण निर्माण करने के लिए देवास रोड पर स्थापित एलिम्को प्लांट का केंद्रीय मंत्री थावरचंद गेहलोत ने सोमवार दोपहर ३.३० बजे निरीक्षण किया।

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उज्जैन. कृत्रिम अंग व उपकरण निर्माण करने के लिए देवास रोड पर स्थापित एलिम्को प्लांट का केंद्रीय मंत्री थावरचंद गेहलोत ने सोमवार दोपहर ३.३० बजे निरीक्षण किया। यहां उन्होंने दिव्यांगों के लिए तैयार मोटो ट्राइसिकल चलाकर देखी। मजबूती कमजोर लगने पर उन्होंने प्लांट प्रभारी से कहा कि इसकी मजबूती बढ़ाओ तो ये अधिक उपयोगी बनेगी। मीडिया से चर्चा में गेहलोत ने कहा कि २१ अप्रैल को सुबह ११ बजे मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान प्लांट का लोकार्पण करेंगे।
लोकार्पण कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री भूपेन्द्र सिंह, प्रदेश के सामाजिक न्याय मंत्री गोपाल भार्गव भी शामिल होंगे। निरीक्षण दौरान मंत्री गेहलोत ने प्लांट में बने निर्माण शेड, ट्राइपॉड, कैलिपर्स, स्टिक आदि की निर्माण इकायों का अवलोकन किया। बता दें, प्लांट की मुख्य इकाई कानपुर में है व प्रदेश में जबलपुर में भी एक यूनिट संचालित है।
सशक्तिकरण के लिए ट्रेनिंग सेंटर- प्लांट में दिव्यांग सशक्तिकरण के लिए ट्रेनिंग सेंटर भी खोला जाएगा, जिसमें 78 लोगों को विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षण देकर ऋण सुविधा एवं उपकरण उपलब्ध कराये जाएंगे। मंत्री गेहलोत ने कहा कि एलिम्को प्लांट में 29 पदों की भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किये गए, जिसमें पात्र आवेदनों के आधार पर ११ लोगों का चयन किया है। शेष पदों के लिए पुन: विज्ञापन जारी जारी किया है, जिसमें आवेदन की तारीख १६ अप्रैल है।
कैम्पस ड्राइव भी
मंत्री गेहलोत ने कहा कि २१ अप्रैल को दिव्यांगों के लिए प्लांट परिसर में कैम्पस ड्राइव (रोजगार मेला) आयोजित होगा, जिसमें 40 से अधिक संस्थाओं द्वारा दिव्यांगों का रोजगार ? के लिए चयन किया जाएगा। शहर में पहली बार दिव्यांगों के लिए ऐसा कार्यक्रम हो रहा है।

नागचंद्रेश्वर से बल लेकर शुरू होती है यात्रा
उज्जैन. पंचक्रोशी यात्रा पटनी बाजार स्थित नागचंद्रेश्वर मंदिर से होता है। यात्रा पर जाने वाले श्रद्घालु भगवान नागचंद्रेश्वर को श्रीफल अर्पित कर उनसे बल प्राप्त करते हैं। अमावस्या पर यात्रा संपन्न होने के बाद यात्री भगवान को मिट्टी के अश्व (घोड़े) अर्पित कर बल लौटाने के बाद गंतव्य की ओर रवाना होते हैं।
चार द्वारपालों के दर्शन पूजन की मान्यता
उज्जयिनी के चार द्वार पर चाल द्वारपाल हैं। शिवलिंग रूप में विराजित पिंग्लेश्वर, दुर्दुदेश्वर, कायावरुणेश्वर तथा बिलकेश्वर महादेव मंदिर में भगवान का अभिषेक पूजन किया जाता है। वैशाख मास शिव की आराधना व जलाभिषेक के लिए विशेष माना गया है। इसलिए प्रतिवर्ष हजारों यात्रा 1१८ किलोमीटर की पैदल यात्रा कर इन मंदिरों में दर्शन पूजन करते हैं।
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