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संघ प्रमुख से अनोखी मांग- अगर भाजपा सनातन को बढ़ावा देना चाहती है तो 5% सीटों पर संतों को चुनाव लड़ाए

राजनीतिक दलों के अंदरखाने में टिकट की होड़ मची है तो वहीं भाजपा में संतों को टिकट देने की मांग ने राजनीतिक पारा और भी बढ़ा दिया है।

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mp election 2023

संघ प्रमुख से अनोखी मांग- अगर भाजपा सनातन को बढ़ावा देना चाहती है तो 5% सीटों पर संतों को चुनाव लड़ाए

मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 के नजदीक आते-आते राजनीतिक सरगर्मी बढ़ती जा रही है। एक तरफ जहां राजनीतिक दलों के अंदरखाने में टिकट की होड़ मची है तो वहीं, दूसरी तरफ भाजपा में संतों को टिकट देने की मांग ने प्रदेश ही नहीं देशभर का राजनीतिक पारा और भी बढ़ा दिया है। खास बात ये है कि, ये मांग राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ सरसंघचालक मोहन भागवत से की गई है। साथ ही, इसी पत्र की एक प्रति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, देश के गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को भी भेजी गई है।


चुनावी माहौल के बीच इस अनोखी मांग से जुड़ा पत्र लिखा है उज्जैन के संत डॉ. अवधेशपुरी महाराज ने। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ सरसंघचालक मोहन भागवत को एक पत्र लिखकर कहा कि, 'सनातन धर्म की परिकल्पना तभी पूरी हो सकती है, जब देश में राष्ट्रवाद, धर्म विरोधी ताकतों को पराजित किया जा सके और ये तभी संभव है, जब भाजपा सनातन धर्म को बढ़ावा देने के साथ आरएसएस, विश्व हिन्दू परिषद और भाजपा को समर्थन देने वाले योग्य, अनुभवी और सक्रिय संतों को कम से कम पांच फीसदी धार्मिक सीटों से चुनाव लड़ने का मौका दे।'

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संतों को टिकट देकर क्या लाभ होगा ?

संत डॉ. अवधेशपुरी महाराज ने कहा कि, ऐसा करके इससे न सिर्फ आपकी जीत सुनिश्चित होगी, बल्कि भाजपा की धार्मिक छवि मजबूत होने के साथ ही राजनीति राजधर्म बन जाएगी। इस पत्र में एक कुशल शासक के रूप में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का उदाहरण देते हुए कहा गया कि, उन्होंने पूरे विश्व पटल पर अपनी एक अलग पहचान बनाकर दिखाई है।

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क्यों लिखा गया पत्र ?

बता दें कि, संघ सरसंघचालक मोहन भागवत को भेजे गए पत्र की एक-एक प्रति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को भी भेजी गई है। पत्र को लेकर संत डॉ. अवधेशपुरी महाराज ने कहा कि, देश की राजनीति को अब राजधर्म बनाने की जरूरत है। भाजपा एक धार्मिक पार्टी है और संतों ने हमेशा भाजपा को न सिर्फ समर्थन दिया, बल्कि पार्टी के लिए प्रचार भी किया है। ऐसी स्थिति में अगर भाजपा अपनी जीत सुनिश्चित करना चाहती है तो संतों को पार्टी की मूलधारा से जोड़ने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि, ऐसे संतों को हर राज्य में चुनाव का टिकट देकर पार्टी की मूल भावना से जोड़ना चाहिए, क्योंकि इससे राजनीति में रुचि रखने वाले संत अपनी पूरी क्षमता से प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकेंगे।