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ये विधायक क्यों नहीं बनने देना चाहते नागदा को जिला, सत्ता में आते ही भूल गए अपना ही वादा…

उद्योग प्रबंधक से डरते हैं विधायक, इसलिए नहीं उठाते जिला बनाने का मुद्दा : गुर्जर

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नागदा. पूर्व विधायक दिलीपसिंह गुर्जर ने एक बार फिर नागदा को जिला बनाने की मांग को लेकर विधायक दिलीपसिंह शेखावत पर निशाना साधा है। मामले में गुर्जर ने प्रेस बयान जारी कर नागदा को जिला बनाने के मुद्दे पर क्षेत्र की जनता से झूठ बोलकर सत्ता हासिल करने की बात कहते हुए माफी मांगने की मांग की है।

बयान में कहा गया है कि गत विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने स्वयं नागदा में अपनी चुनावी रैली में नागदा को जिला बनाने का वादा क्षेत्र की जनता से किया था, लेकिन ४ साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी मुख्यमंत्री एवं क्षेत्र के विधायक अपना वादा पूरा नहीं कर सकें हैं।

उद्योग प्रबंधन की नाराजगी नहीं लेना चाहते विधायक
मामले में गुर्जर का कहना है, कि स्थानीय उद्योग प्रबंधन नागदा को जिला बनाने के पक्ष में नहीं है, लिहाजा विधायक शेखावत उद्योग प्रबंधकों की नाराजगी नहीं लेना चाहते है। यही कारण है, कि ४ वर्षों में विधायक ने एक भी बार मुख्यमंत्री के समक्ष सार्वजनिक मंचों से नागदा को जिला बनाने की मांग नहीं की है।

सत्ता में आकर भूले वादा
गुर्जर का यह भी कहना है, कि गत विधानसभा चुनाव में भाजपा एवं विधायक दिलीपसिंह शेखावत ने जिला बनाने के मुद्दे को जोर-शोर से उठाकर वोट तो कबाड़ लिए, लेकिन सत्ता में आते ही जनता से किया वादा भूल गए।

भाजपा ने लगाया था अडंग़ा
पूर्व विधायक गुर्जर ने बयान में कहा है, कि वर्ष २००८ में नागदा को जिला बनाने का प्रस्ताव मेरे प्रयासों से शासन द्वारा बुलाया गया था। मेरे द्वारा इस संबंध में लगातार प्रयास करने के बावजूद भाजपा के नेताओं द्वारा श्रेय की राजनीति के चलते अडग़ा लगाते हुए अपने अधिकारों को दुरुपयोग कर नागदा को जिला नहीं बनने दिया गया। गुर्जर का तर्क है कि नागदा को कांग्रेस सरकार द्वारा तहसील का दर्जा दिया तो भाजपा के सभी वरिष्ठ नेताओं द्वारा विकासखंड का दर्जा दिलाने के लिए वकालत की जा सकती है।