
भावांतर योजना के तहत अब तक 60 किसानों ने कराया पंजीयन, पंजीयन की अंतिम तिथि 17 अक्टूबर
उप संचालक कृषि ने बताया कि भावांतर योजना के तहत अब तक 60 किसानों ने पंजीयन कराया है । जिसमें सेवा सहकारी समिति मर्यादित करकेली में 58 किसानों ने तथा सेवा सहकारी समिति कंचनपुर में 2 किसानों ने अपना पंजीयन कराया है। उन्होंने बताया कि पंजीयन की अंतिम तिथि 17 अक्टूबर निर्धारित की गई है। पंजीयन पीएसीएस, सीएससी, एम पी किसान एप के माध्यम से किए जा सकते हंै। योजना अंतर्गत सोयाबीन विक्रय की अवधि 24 अक्टूबर से 15 जनवरी 2026 तक रहेगी। कृषि विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में ट्रेक्टर रैली एवं पैदल जागरुकता रैली निकाल कर गांव के किसानों को भावांतर योजना से होने वाले लाभ से अवगत कराया जा रहा है। उप संचालक कृषि संग्राम सिंह मरावी ने बताया कि प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान के अंतर्गत अधिसूचित तिलहनी फसल के लिए भावांतर योजना वर्ष 2018-19 से लागू की गई है। भारत सरकार ने घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) तथा राज्य के मंडी के मॉडल भाव/विक्रय मूल्य अंतर की राशि कृषकों को दिलवाने का प्रावधान किया है। किसान पूर्व की तरह अपनी उपज मंडियों में बेचेंगे। एमएसपी और मंडी का मॉडल भाव/विक्रय मूल्य के बीच के अंतर की राशि का किसान को डीबीटी से भुगतान किया जायेगा। किसान द्वारा ई-पोर्टल पर पंजीयन अनिवार्य होगा।
जिला आपूर्ति अधिकारी ने बताया कि जिले में धान उपार्जन के लिए 19110 किसानों ने पंजीयन कराया है। उन्होने बताया कि मानपुर के 11005 किसान, चंदिया के 3261 किसान, बिलासपुर के 1858 किसान, बांधवगढ के 851 किसान, करकेली के 838 किसान, पाली के 726 किसान के साथ ही नौरोजाबाद में धान उपार्जन के लिए 571 किसानों ने अपना पंजीयन कराया है।
Updated on:
07 Oct 2025 03:52 pm
Published on:
07 Oct 2025 03:52 pm
