
Collectorate in the vicinity of insecurity
उमरिया. नगर के बीचो-बीच बाजार क्षेत्र अंतर्गत स्थित कलेक्ट्रेट कालोनी वर्षों से बदहाली का शिकार है। इस कालोनी में कलेक्ट्रेट तथा राजस्व विभाग के कर्मचारी अपने परिजनो के साथ निवास करते हैं और परेशानियों का सामना कर रहे हैं। कालोनी के आवास 50-60 वर्ष पुराने हैं, वर्षों से लोक निर्माण विभाग द्वारा इनका जीर्णोद्धार भी नहीं कराया गया। स्थिति यह है कि इनकी छतों व दीवारों में कहीं-कहीं दरार सी नजर आती है। प्लास्टर उखड़ रहे हैं। बरसात के समय छत से पानी रिस कर अंदर कमरों में घुसता है। कर्मचारियों के परिवार मुश्किल से रह पाते हैं। खिडक़ी, दरवाजे आदि टूटे हुए हैं, इनकी कभी मरम्मत नहीं कराई जाती है। जिससे असुरक्षा की स्थिति बनी हुई है। घरों में बाउण्ड्रीवाल की कमी के कारण आवारा मवेशी घरों में घुसते हैं। नगर पालिका जिसके प्रशासक स्वयं कलेक्टर हैं, भले ही नगर के अन्य वार्डों और मुख्य मार्गों में सफाई करा रही हो, लेकिन यह कालोनी पूरी तरह उपेक्षित है। बताते हैं कि यहां कचरा संग्रह करने वाला वाहन तक नहीं आता है। लोगों को इधर-उधर कचरा फेंकना पड़ता है। यहां नगरपालिका द्वारा कंटेनर भी नही रखवाए गए हैं। जबकि पूर्व में आश्वासन दिया गया था।बताया गया है कि कलेक्ट्रेट के आवास स्वच्छता अभियान से पूरी तरह अछूते नजर आते हैं। घरों के पिछवाड़े वर्षों से टूटे और भरे टैंकों से गंदगी बह रही है। नालियों का पानी इधर-उधर बह रहा है। जिससे कालोनी का वातावरण दूषित नजर आता है। बरसात में तो यहां गंदगी और भी बढ़ जाती है। पूरी कालोनी में कभी भी झाड़ू नहीं लगाई जाती है और न कचरा संग्रह किया जाता है। अभी तक आवासों में गंदे पानी की निकासी के लिए बड़ी नालियों की व्यवस्था नहीं किए जाने से बरसात में कुछ घरों में नाली का पानी घुसता है। कलेक्ट्रेट कालोनी में नल लगे हुए हैं लेकिन पाइप लाइन कुछ जगह से फूटी हुई है। जिसके कारण यहां घरों में पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पहुंच पा रहा है। यहां एक हैण्डपंप स्थापित किए जाने की मांग की गई थी। लेकिन उसकी व्यवस्था अभी तक नहीं की गई। यहां जिन पाइप लाइनों से पानी सप्लाई होता है वे वर्षों पुरानी हैं। न तो नई पाइपें डाली जातीं हैं और न पानी की समुचित व्यवस्था की जाती है। बताया गया कि यहां दो चार घर ऐसे हैं जहां लोगों को बारहों महीने सडक़ की ओर लगे हैण्डपंप से पानी लाकर प्यास बुझानी पड़ रही है। कालोनी में अचानक सप्लाई बंद किए जाने की भी शिकायतें रहतीं हैं। यहां नई पाइप लाइन बिछाने और एक हैण्डपंप की स्थापना किया जाना बहुत आवश्यक है।
नहीं बनी बाउण्ड्रीवाल
ेकॉलोनी में अधिकांश क्वार्टर ऐसे हैं जहां सुरक्षा के नाम पर वर्षों पहले कटीले तार लगवा दिए गए थे, लेकिन वे तार जगह-जगह से टूट गए हैं और कुछ तो कबाडिय़ों द्वारा काट कर ले जाए गए हैं। यहां आवासों की सुरक्षा के लिए अभी तक बाउण्ड्रीवाल का निर्माण नहीं कराया गया है। कालोनी में पक्की सडक़ नहीं है। आने जाने के लिए कच्चे ढर्रे जैसा रास्ता है। जहां बरसात में कीचड़ पानी के भराव के कारण आने-जाने में भी असुविधा होती है। बताया गया कि कुछ वर्ष पूर्व यहां एक ओर सडक़ बनवाई गई थी, लेकिन उसका रखरखाव नहीं किए जाने से वह पूरी तरह से उखड़ गई है। शेष कालोनी में कहीं भी सडक़ नहीं है।
इनका कहना है
शीघ्र ही इस संबंध में लोक निर्माण विभाग तथा नपा को निर्देश दिए जाएंगे और कालोनी की स्थिति में सुधार लाया जाएगा। पेयजल की स्थिति का भी अवलोकन किया जाएगा। ताकि यहां पानी की किल्लत नहीं हो।
माल सिंह, कलेक्टर, उमरिया।

Published on:
11 Jun 2018 05:15 pm
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