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सिविल सप्लाईज की मनमानी का खामियाजा भुगत रहे हैं उपभोक्ता

परिवहनकर्ता भी कर रहा मनमानी

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Consumers suffering the arbitrariness of civil supplies

सिविल सप्लाईज की मनमानी का खामियाजा भुगत रहे हैं उपभोक्ता

उमरिया. सार्वजनिक वितरण प्रणाली को सुचारु रुप से संचालन हेतु द्वार प्रदाय योजना अंतर्गत प्रत्येक राशन दुकान में एक माह पहले के अंत तक राशन पहुंचाने का प्रावधान है जिससे उपभोक्ताओं को आने वाले महीने पर समय पर राशन मिल सके लेकिन जिले में परिवहन करता सानू ट्रांसपोर्ट द्वारा एमपी स्टेट सिविल सप्लाईज के अधिकारियों से मिलीभगत कर खाद्यान्न पहुंचाने में विलंब किया जाता है माह फरवरी की 10 तारीख तक चना एवं खाद्यान्न जिले के बहुत सी दुकानों में राशन नहीं पहुंचाया गया जिससे उपभोक्ताओं में काफी मायूसी है और इनकी मनमानी प्रत्येक माह देखी जा रही है इसकी शिकायत आजाद उपभोक्ता जागरूकता विकास परिषद के प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र कुमार गुप्ता द्वारा आयुक्त खाद्य नागरिक उपभोक्ता संरक्षण भोपाल से एवं प्रमुख सचिव मुख्य सचिव से की गई है एवं आरोप लगाया गया है कि परिवहन करता सानू ट्रांसपोर्ट एवं एमपी स्टेट सिविल सप्लाईज के कर्मचारी मनमाने ढंग से कार्य कर रहे हैं एवं राशन दुकानों में समय पर खाद्यान्न नहीं पहुंचाया जाता एवं परिवहन कर्ता द्वारा किसी भी वाहन में अनुबंध अनुसार जीपीएस नहीं लगवाया गया जिससे पता लग सके कि राशन से भरा ट्रक किस और चल पड़ा आरोप ये भी लग रहे हैं कि एमपी स्टेट सिविल सप्लाईज के अधिकारी का संरक्षण ट्रांसपोर्टरों को प्राप्त है जिससे अपनी मनमानी को अंजाम दे रहे हैं संस्था के अध्यक्ष द्वारा जिला प्रशासन से मांग की गई सानू ट्रांसपोर्ट का टेंडर रद्द किया जाए एवं कार्यवाही की जाए। लोगों का कहना है कि उन्हें समय पर राशन नहीं मिल पा रहा है। जिसके चलते वे काफी परेशान हैं। लोगों का कहना है कि राशन न मिलने की सूरत में उन्हें बाजार से महंगे दर पर राशन की खरीददारी करनी पड़ रही है। जिसके कारण उनकी जेब पर भी असर पड़ रहा है। वहीं कई परिवार तो ऐसे हैं जो कि उचित मूल्य दुकानों के भरोसे ही हैं। जिन्हें समय पर राशन नहीं मिला तो उनके सामने भूखों मरने की नौबत आ जाएगी। इस ओर प्रशासन को गंभीरता से विचार करना चाहिए और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।