13 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

ट्रैक्टर पलटने से चालक की मौत, पांच गंभीर

तीसरे दिन भी नहीं सुधरा बैंक का लिंक, लोग परेशान

2 min read
Google source verification
Driver dies due to overturn, five serious

Driver dies due to overturn, five serious

उमरिया. चंदिया थाना अंतर्गत स्थित छटनहार रोड पर सोमवार को सुबह ट्रैक्टर पलटने से चालक की मौत हो गई। जबकि ट्रैक्टर पर सवार पांच लोग घायल हो गये। चालक ट्रैक्टर से पत्थर लेने बाका ग्राम पंचायत के ग्र्र्राम पथरहटा से मझौली जा रहा था। उसके साथ आस-पास के अन्य लोग भी ट्राली पर सवार हो गए थे। पुलिस ने बताया कि घटना में चालक कौशल पिता कालू कोल उम्र 27 वर्ष की मौत हो गई। ट्रैक्टर जैसे ही छटनहार से आगे बढऩे लगा कि अनियंत्रित होकर पलट गया। चालक ट्राली और इंजन के बीच फंस गया था। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घायलों में सुंता पति राकेश कोल (35) ग्राम पथरहटा, राम लाल पिता कुर्रा (42) वर्ष पथरहटा सहित 3 अन्य घायल हैं।
उमरिया. नगर में बैंक आफ इंडिया का लिंक फेल होने से तीन दिन से न तो राशि निकल रही है और न बैंक द्वारा हितग्राहियों के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है। इससे सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण जन रोज यहां बैंक के चक्कर काट कर परेशान हो रहे हैं। ग्रामीण 30-30 किलोमीटर दूर से किराया भाड़ा लगाकर यहां विभिन्न योजनाओं की राशि आहरित करने आते हैं, लेकिन बैंक में कोई लेनदेन नही हो पाता है। दोपहर चिलचिलाती धूप में खड़ा 70 वर्षीय वृद्ध मोहइया ने बताया कि वह ग्राम बरही से यहां पेंशन लेने आया है। इसके पूर्व वह एक दिन और आ चुका है। पेंशन कुल तीन सौ रुपए मिलती है। यदि इसी तरह एक दो बार और आना पड़ा तो फिर पेंशन लेने का कोई मतलब ही नहीं रहेगा। किरनताल निवासी 89 वर्षीय रामदास ने बताया कि वह धूप में 9-10 किमी चलकर यहां तीन बार आ चुका है पर अभी तक उसे पेंशन नहंी मिली। दिनेश सिंह मराबी ने बताया कि वह 40 किमी दूर आकाशकोट से यहां प्रधानमंत्री आवास की राशि के लिए आ रहा है, लेकिन तीन से उसे कोई जवाब ही नहीं मिल रहा है। उसके साथ आकाशकोट के कई अन्य हितग्राही भी हैं। इस संबंध में प्रबंधक इंडिया बैंक के प्रशांत सिंह का कहना है कि बीएसएनएल का सर्वर फेल होने से कठिनाइयां आ रहीं हैं। सुधार के लिए लगातार चर्चा की जा रही है। बहुत जल्द वैकल्पिक व्यवस्था कर ली जाएगी।