
Incentives increased in wheat, 80 rise
उमरिया. उर्पाजन केन्द्रों के 30 केन्द्रों में गेहूं की आवक निरंतर बढऩे लगी है। मौसम की नजाकत को देखकर प्रशासन ने भी कोई चूक न होने पाये इसके लिये निरंतर केन्द्रों में नजर बनाये हुये हैं। रविवार तक के गेहूं उठाव लगभग 80 प्रतिशत हो चुका है। अभी तक 51.357 क्ंिवटल की खरीदी केन्द्रों द्वारा की जा चुकी है। 41.249 क्ंिवटल गेहूं का परिवहन भी किया जा चुका है। कलेक्टर माल सिंह एवं विपणन संघ के प्रयासों से निरंतर उठाव में तेजी कर बना हुआ है। जबकि 30 उपार्जन के लिये इस वर्ष का लक्ष्य 2 लाख 80 हजार क्विंटल का रखा गया है। वर्तमान में उपार्जन केन्द्रों में समितियों के पास गेहूं रखने के लिये पर्याप्त जगह नहीं है। गेहूं खुले आसमान के नीचे ज्यादा समय तक न रखा जाये इसके लिये प्रशासन निरंतर परिवहन पर नजर बनाये हुये है। वहीं बिलासपुर केन्द्र में अब तक उपार्जन शुरु नहीं हो सका है। उमरिया तथा मानपुर कैप में खुले आसमान के नीचे गेहूं रखा जा रहा है। शासन के पास गेहूं को सुरक्षित रखने गोदाम की समुचित व्यवस्था नहीं है। प्रशासन ने यह भी निर्देश जारी किये है कि बरसात के कारण गेहूं खराब होता है तो उसके लिये परिवहन कर्ता एवं समितियां दोनो को दोषी माना जायेगा। इतना ही नहीं चंदिया एवं कौडिय़ा दो उपार्जन केन्द्रों को छोड़ कर शेष 28 केन्द्रों के पास केवल दो हजार क्ंिवटल की ही जगह है जबकि कम से कम पांच हजार क्विंटल खाद्यान्न के भंडारण की क्षमता होनी चाहिये। जिसका कारण यह है कि जिस जगह पर खरीदी का कार्य होता है वहां सुरक्षित भंडारण की व्यवस्था होना शासन द्वारा अनिवार्य कर दिया गया है। कलेक्टर माल सिंह ने साफ निर्देश जारी किये है कि परिवहन की स्थिति में किसी प्रकार की कोई भी ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जायेगी। प्रशासन ने यह भी निर्देश जारी किये है कि बरसात के कारण गेहूं खराब होता है तो उसके लिये परिवहन कर्ता एवं समितियां दोनो को दोषी माना जायेगा।

Published on:
07 May 2018 06:03 pm
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