
Information about the unorganized workers made in wards and gram sabha
उमरिया. जिले के असंगठित क्षेत्र के श्रमिको को सुरक्षा एवं कल्याण योजनाओं की जानकारी देने के लिये गत दिवस विशेष ग्राम सभा एवं वार्ड सभा का आयोजन किया गया। ग्राम सभाओं की इन विशेष बैठकों में श्रमिक कल्याण योजनाओं और मुख्यमंत्री असंगठित श्रमिक कल्याण योजना के संबंध में जानकारी दी गई। इसी दिन मुख्यमंत्री ने शाम 5.30 बजे विशेष ग्राम सभाओं को संबोधित किया और उपस्थित श्रमिको से संवाद किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रसारित संदेश में कहा है कि असंगठित क्षेत्र के श्रमिक अपनी सुख-सुविधाओं और अधिकारों के लिये आवाज ही नहीं उठा पाते थे। अब राज्य सरकार ने ऐतिहासिक फैसला लेते हुये असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के कल्याण और उनकी सेवा की अनूठी योजना बनाई है। इस योजना का लाभ देने के लिये श्रमिकों का पंजीयन किया गया है। पंजीकृत श्रमिकों से आग्रह किया है कि वे ग्राम सभा में पढ़ी जाने वाली सूची में अपना नाम अवश्य देख लें। यदि उनका नाम छूट गया है, तो उसे तत्काल जुड़वायें ताकि योजना का पूरा लाभ उन्हें मिल सके। सीएम ने कहा कि इस योजना में श्रमिकों को जमीन के पट्टे देने, पक्का मकान देने, उनके बच्चों की पढ़ाई-लिखाई और इलाज का इंतजाम करने, श्रमिक बहनों को प्रसूति में सहायता देने और श्रम करने के दौरान अपंगता होने पर सहायता राशि देने, दुर्घटना होने पर मुआवजा देने और यहां तक कि अंतिम संस्कार के लिये भी सहायता देने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि इस योजना में ढ़ाई एकड़ तक की जमीन वाले किसान भी शामिल किये गये हैं, क्योंकि वे खेतिहर श्रमिक की श्रेणी में आते हैं। विशेष ग्राम सभाओं में संबंधित गांव के पंच-सरपंच अथवा ग्राम सभा के गणमान्य सदस्य मुख्यमंत्री के संदेश का भी वाचन किया गया । मुख्यमंत्री ने आज यहाँ अपने निवास पर विशेष ग्राम सभाओं की व्यवस्थाओं और कार्य-योजना की विस्तृत समीक्षा की गई।
उमरिया. जिले के ग्राम दुब्बार निवासी हरिश्चंद्र तिवारी ने जैविक खेती कर उपज से कई गुना लाभ कमाकर आस पास के किसानों के लिए मिशाल पेश की है। देशी गोबर एवं गौमुत्र से निर्मित खाद के साथ कृषि एवं उद्यानिकी विभाग की मदद से किसान हरिश्चंद्र तिवारी की रेतीली जमीन लाभ का जरिया बनी और अनुपजाउ बंजर जमीन भी सोना उगलने लगी। 30 एकड़ भूमि में आधुनिक पद्धति और जैविक खाद के इस्तेमाल से हरिश्चंद्र तिवारी ने बीते वर्ष खरीफ एवं रबी सीजन में लगभग 20 लाख रूपये की शुद्ध आय अर्जित कर मुख्यमंत्री के खेती को लाभ का धंधा बनाने के सपने को साकार रूप मे पर्णित कर दिखाया है।सरकार की वैज्ञानिक पद्धति के साझा प्रयास से हुये इस कायाकल्प से किसान जैविक खेती के लिए जागरुक हो रहे है।

Published on:
10 May 2018 06:35 pm
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