
Meaningful measures for water conservation
उमरिया. जिले में सामाजिक कार्यों में जन अभियान परिषद अग्रणी भूमिका निभा रहा है। वर्तमान में जन अभियान परिषद की विभिन्न नवांकुर एवं प्रस्फुटन समितियों द्वारा ग्रीष्म काल में पैदा होने वाले पेयजल संकट के निदान हेतु जहां जन जागरूकता लाने का कार्य कर रही हैं, वहीं बहते हुए जल स्रोतों में बोरी बंधान कर जल संरक्षण एवं संवर्धन का कार्य श्रमदान के माध्यम से सम्पन्न करा रही हैं। जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक रविंद्र कुमार शुक्ला ने बताया कि कलेक्टर माल सिंह द्वारा सामाजिक कार्यों में जन सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए है।
उसी के परिपालन में लगातार जिले में बोरी बंधान का कार्य कर निस्तार एवं पशुओं के पीने हेतु पानी की उपलब्धता के प्रयास शुरू किये गए। इस प्रयास को जलाभिषेक अभियान से जोडक़र जन अभियान का स्वरूप देने का कार्य किया जा रहा है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत नवीत धुर्वे द्वारा भी अभियान को गति प्रदान करने हेतु ग्राम पंचायतों को आवश्यक सहयोग के निर्देश दिए गए हैं।
म.प्र. जन अभियान परिषद द्वारा विकासखण्ड करकेली के ग्राम हड़हा में 10 अप्रैल को घोड़छत्र नदी के तट पर नदी संवाद संगोष्ठी का आयोजन किया गया एवं नदी की साफ-सफाई व गहरीकरण का कार्य प्रारंभ किया गया। कार्यक्रम में म.प्र. जन अभियान परिषद के विकासखण्ड समन्वयक करकेली महेन्द्र सिंह तराम के द्वारा जलसंवाद के तहत ग्रामवासियों की उपस्थिति में पानी बचाने हेतु सोख्ता गड्ढा निर्माण, बोरी बंधान, सोकपिट निर्माण के विषय पर विचार प्रस्तुत किया गया।
साथ ही घोड़छत्र नदी के तट पर प्रस्फुटन समितियां, नवांकुर संस्था एवं बीएसडब्ल्यू के छात्रों व ग्रामवासियों के सहयोग से सामूहिक श्रमदान एवं बोरी बंधान का कार्यक्रम सुबह 8 बजे से 12 बजे तक आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से आरपी गुप्ता नवांकुर संस्था प्रतिनिधि, प्रस्फुटन समिति सदस्य सीएमसीएलडीपी परामर्शदाता करकेली एवं बीएसडब्ल्यू छात्र उपस्थित रहे। कार्यक्रम में कुल 55 लोगों ने श्रमदान किया।
Published on:
12 Apr 2018 05:54 pm
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