
mp news: मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने उमरिया जिले के कलेक्टर पर 25 हजार रूपये का जुर्माना लगाया है। इतना ही नहीं कोर्ट ने कमिश्नर को लेकर भी गंभीर टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि कमिश्नर को डाकघर की तरह काम नहीं करना चाहिए। मामला एक महिला को जिला बदर करने की कार्रवाई का है। याचिकाकर्ता महिला को सिर्फ 6 अपराधिक प्रकरण दर्ज होने के बाद कलेक्टर ने उसके खिलाफ जिला बदर की कार्रवाई की थी जिसे लेकर महिला ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी।
उमरिया जिले के बिरसिंहपुर पाली की रहने वाली महिला माधुरी तिवारी उर्फ मुन्नी के खिलाफ जिला बदल की कार्रवाई की गई थी। उसके खिलाफ सिर्फ 6 अपराधिक प्रकरण दर्ज हैं जिनमें से दो मामले मामूली मारपीट व दो मामले एनडीपीएस एक्ट के हैं । किसी भी मामले में माधुरी तिवारी को सजा नहीं हुई थी लेकिन इसके बावजूद कलेक्टर ने उसे जिलाबदर कर दिया।माधुरी ने कलेक्टर के आदेश के खिलाफ कमिश्नर के पास अपील की थी लेकिन कमिश्नर ने भी अपील निरस्त करते हुए कलेक्टर के आदेश को बरकरार रखा था। जिसके बाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।
हाई कोर्ट जस्टिस विवेक अग्रवाल की एकल पीठ ने हैरानी जताते हुए जिला बदर की कार्रवाई को निरस्त करते हुए कहा उमरिया कलेक्टर पर 25 हजार रूपये का जुर्माना लगाया है। इतना ही नहीं कोर्ट ने कमिश्नर की कार्रवाई को लेकर गंभीर टिप्पणी करते हुए कहा है कि कमिश्नर को डाकघर में काम करने वाले अधिकारी की तरह काम नहीं करना चाहिए, कि डाक आई और मार्क कर दिया। हाईकोर्ट ने कहा है कि किसी भी आवेदन पत्र या मामले के दस्तावेज को अवलोकन करने और उस पर अपने विवेक का इस्तेमाल करना चाहिए।
Updated on:
8 Mar 2025, 6:45 PM IST
Published on:
8 Mar 2025, 6:39 PM IST
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