15 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सोचा नहीं था सोशल मीडिया से यात्रियों को इस तरह मदद मिलेगी: प्रभु

मुझे नहीं पता था कि इस छोटी सी पहल से आम लोगों को इतनी ज्यादा मदद मिलेगी: सुरेश प्रभु

2 min read
Google source verification

image

Rakesh Mishra

Feb 25, 2016

rail budget 2016

rail budget 2016

नई दिल्ली। अपने दूसरे रेल बजट के दौरान रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा कि मैंने सोचा नहीं था कि सोशल मीडिया से लोगों को इस तरह मदद मिलेगी। अपने भाषण की शुरुआत ही उन्होंने रेलवे से जुड़े दो लोगों की कहानियों के साथ की। सबसे पहले उन्होंने रेलवे सुरक्षा बल में कार्यरत आलोक तिवारी का जिक्र किया। तिवारी सोशल मीडिया का जिम्मा संभालते हैं। वे सोशल मीडिया पर यात्रियों की ओर से किसी असुविधा या आपातकाल की स्थिति में मदद मांगने पर उनकी सहायता करते हैं।

ये भी पढ़ेंःपटरी पर दौड़ी 'अच्छे दिनों' की ट्रेन, ना किराया बढ़ा, ना मालभाड़ा

ये भी पढ़ेंःप्रभु ने पढ़ी वाजपेयी की कविता, हम ना रूकेंगे, हम ना झुकेंगे

ये भी पढ़ेंः खुशखबर: 2020 तक हर यात्री को कन्फर्म टिकट


इसके बाद सुरेश प्रभु ने एक महिला का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वो महिला मुंबई रेलवे स्टेशन की सफाई करती है। प्रभु ने बताया कि महिला ने एनजीओ को स्टेशन की सफाई करने की इजाजत देने के लिए उनका धन्यवाद दिया। आपको बता दें कि हाल ही में सुरेश प्रभु ने ट्वीट के जवाब में यात्रियों की आपातकाल स्थिति में मदद की है। उन्होंने कहा कि मुझे नहीं पता था कि इस छोटी सी पहल से आम लोगों को इतनी ज्यादा मदद मिलेगी।

Twitter के जरिए कैसे मदद करते हैं प्रभु, यहां जाने


हरिद्वार से हावड़ा जा रही कुम्भ एक्सप्रेस कोहरे की वजह से नौ घंटे लेट हो गई। ट्रेन में बिहार और पश्चिम बंगाल के बच्चे सफर कर रहे थे और काफी भूखे थे। रात का वक्त और ट्रेन में पेंट्री भी नहीं थी। उन्ही बच्चे में मौजूद रोहित को यह पता था कि रेल मंत्री twitter पर काफी एक्टिव रहते हैं। उसने tweet किया और रेलमंत्री को उसमें टैग किया। फिर क्या था आनन-फानन में रेल महकमा मदद में जुट गया। रात 10 बजे भुसावल स्टेशन पर बच्चों के लिए रेल स्टाफ खाना लेकर डिब्बे में पहुंचा।

महाराष्ट्र में एक ट्रेन में अकेले सफर कर रही नम्रता महाजन तब काफी डर गईं, जब साथ सफर कर रहे एक यात्री ने उन्हें परेशान करना शुरू कर दिया। यह वाकया शेगांव रेलवे स्टेशन से गुजरने के दौरान हुआ। उन्होंने रेल मंत्री सुरेश प्रभु के ट्विटर हैंडल पर एक tweet कर मदद मांगी। उन्होंने tweet किया, प्लीज ट्रेन नंबर 18030 में मदद करें। शेगांव (जगह का नाम) पर एक पुरुष यात्री मुझे परेशान कर रहा है। मैं ट्रेन में हूं और डरी हुई हूं। फौरन रेलमंत्री ने रेल अधिकारियों को मदद के लिए कहा। ट्रेन जैसे ही भुसावल स्टेशन पहुंची ट्वीट से अलर्ट हो चुके आरपीएफ के जवान महिला की मदद के लिए पहुंचे।

नीतू देवी अपने दो बच्चों के साथ जा तो लुधियाना रही थीं, लेकिन गलती से बच्चों के साथ विजयवाड़ा स्टेशन पर उतर गईं। न तो उनके पास पैसे थे और न ही वापस जाने का टिकट। बदहवास नीतू के बच्चे भी भूख से रोए जा रहे थे। ऐसे में अपनी ट्रेन पकडऩे आए एक यात्री ने नीतू देवी की जानकारी रेलमंत्री के twitter हैंडल पर दी। जल्दी ही नीतू की मदद के लिए रेलवे के लोग पहुंचे। बच्चों को और नीतू को खाना मुहैया कराने के साथ ही नया टिकट इशू कराने के बाद उन्हें अगली ट्रेन से घर रवाना कर दिया गया।

ये भी पढ़ें

image