
रंगोली कला ही नहीं हमारी सांस्कृतिक धरोहर भी
इलकल/गजेन्द्रगढ़
आधुनिकता के युग में रंगोली व मेहन्दी जैसी कला को बचाए रखना बेहद जरूरी है, इसकी जिम्मेदारी महिलाओं पर अधिक है। यह विचार छात्राओं के लिए आयोजित रंगोली, मेहन्दी प्रतियोगिता के उद्घाटन अवसर पर स्वप्ना बागमार ने व्यक्त किए। कार्यक्रम का आयोजन भगवान महावीर जैन आयुर्वेदिक चिकित्सा महाविद्यालय, अस्पताल एवं पी.जी.सेन्टर, गजेन्द्रगढ़ की ओर से किया गया।
उन्होंने कहा कि रंगोली बनाना एक कला नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक धरोहर है। लुप्त होने के कगार पर पहुंच चुकी इस कला के प्रति आसक्ति बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि रंगोली व मेहन्दी प्रतियोगिता में छात्राओं ने उत्साह के साथ भाग लिया। रंगोली में छात्राओं ने उत्साह से बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, पर्यावरण संरक्षण, योग मुद्राएं व स्तनपान जैसे विषयों को दर्शाया।
स्पर्धा में विजयलक्ष्मी, सुवर्णा के., दिव्या, दीपाली, चन्द्रिका, श्वेता, मयूरी, साक्षी शुक्ला, तस्मिया, रितू जोशी व मेहजबीन आदि छात्राओं ने भाग लिया। इस अवसर पर महाविद्यालय के शिक्षक एवं अस्पताल के चिकित्सक मौजूद रहे।
इलकल (बागलकोट)
कस्बे की कला व सांस्कृतिक संस्था के तत्त्वावधान में संचालित एसीओ कन्नड़ व इंग्लिश मीडियम पूर्व प्राथमिक, प्राथमिक एवं हाईस्कूल का प्रतिभा पुरस्कार समारोह 17 व 18 जनवरी को आयोजित किया जाएगा। शुक्रवार सुबह 10:30 बजे पूर्व प्राथमिक व प्राथमिक विभाग के शैक्षणिक पुरस्कार वितरण कार्यक्रम संस्था के उपाध्यक्ष एस.एम.चोपदार की अध्यक्षता में किया जाएगा। इस दौरान संस्था के विभिन्न विभागों के पदाधिकारी मंचासीन रहेंगे। सांस्कृतिक कार्यक्रम के तहत बच्चे प्रस्तुति देंगे।
इसी तरह शनिवार सुबह 10:30 बजे हाईस्कूल के विद्यार्थियों को शैक्षणिक एवं नगद पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन संस्था अध्यक्ष एम.एस.कोडगली की अध्यक्षता में होगा। इस मौके पर मुख्य अतिथि अक्षर दासोह, योजना सहायक निदेशक टी.एच.तिलगोल एवं शिक्षक रामनगौड़ सन्दीमनी होंगे। इस दौरान संंस्था के सदस्य अशोक बिज्जल दम्पति को सम्मानित किया जाएगा।
Published on:
16 Jan 2020 09:05 pm
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