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आम्रपाली को दुर्घटना ग्रस्त करने की बड़ी साजिश नाकाम

जीआरपी के जवानों के इशारे पर चालक ने इमरजेंसी ब्रेक लगा टाला दुर्घटना को.

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Amrapali Express

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उन्नाव. उन्नाव में रेल दुर्घटना की बड़ी साजिश को उस समय नाकाम कर दिया गया जब गश्त कर रहे पुलिस के जवानों ने कानपुर-लखनऊ डाउन रेल लाइन पर लोहे की पटरियों को देखा। वह भी एक नहीं दो-दो जगह। लोहे की पटरियों को देखकर गश्त कर रहे रेलवे पुलिस के जवानों के होश फाख्ता हो गए। उन्होंने आनन-फानन स्टेशन अधीक्षक को घटना की जानकारी देने का प्रयास किया। इसी बीच कानपुर की तरफ से आ रही तेज रफ्तार ट्रेन ने उनके होश उड़ा दिए। उन्होंने एक्सप्रेस ट्रेन के चालक को टॉर्च की रोशनी से अलर्ट करते हुए गाड़ी रोकने का इशारा किया। चालक ने रेलवे पुलिस के जवानों का इशारा समझा और इमरजेंसी ब्रेक लगाकर गाड़ी को रोक लिया। लेकिन तब तक रेल इंजन में रेल पटरी के ऊपर पर रखी लोहे की पटरी को ठोकर मार चुकी थी। यहां एक बात उल्लेखनीय है कि आम्रवाली एक्सप्रेस में यात्रियों की संख्या बहुत ज्यादा होती है और यह अमृतसर से बिहार के कटिहार तक जाती है।

स्टेशन अधीक्षक ने जानकारी देने से खड़े किए हाथ-

घटना की जानकारी रेलवे के उच्चाधिकारियों को मिली, तो हड़कंप मच गया। स्टेशन अधीक्षक उन्नाव जंक्शन रेलवे स्टेशन ने इस विषय में किसी भी प्रकार की जानकारी देने से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की जानकारी पीआरओ उत्तर रेलवे देंगे। पीआरओ उत्तर रेलवे से इस संबंध में जानकारी करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन नहीं उठा। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अधीक्षक पुष्पांजलि देवी ने गंगा घाट थाना पुलिस के साथ रेलवे पटरी का निरीक्षण किया और वास्तविक स्थिति को समझा। गौरतलब है कि रेल पटरी के किनारे इस प्रकार की घटनाओं को अंजाम देने के लिए इस तरह के साधन मौजूद रहते हैं। इसके लिए कहीं से कुछ लाने ले जाने की जरूरत नहीं है।

खंभा संख्या 66/ 34 - 36 के बीच की घटना-
कानपुर लखनऊ डाउन लाइन पर कानपुर गंगापुल बाया किनारा रेलवे स्टेशन से लगभग 2 किलोमीटर दूर बड़ी घटना को अंजाम देने की साजिश रची गई। खंभा संख्या 66/ 34 - 36 के बीच अमृतसर से कटिहार जा रही आम्रपाली एक्सप्रेस को दुर्घटनाग्रस्त करने की एक बड़ी साजिश रची गई। इसे गस्त कर रहे जीआरपी के जवानों ने टाल दिया। जीआरपी से मिली जानकारी के अनुसार बीती रात लगभग 1:38 पर जीआरपी के जवान उन्नाव गंगा फूल के बीज रेल पटरी के किनारे अराजक तत्वों पर निगरानी रखने के लिए गश्त कर रहे थे। उसी समय उन्होंने रेल पटरी पर लोहे की पटरी को देखा। मामले की गंभीरता को समझते हुए उन्होंने स्थानीय स्टेशन अधीक्षक को घटना की जानकारी देनी चाहिए। परंतु इसी बीच कानपुर की तरफ से आम्रपाली एक्सप्रेस के आने के संकेत दे दिए गए। इसे देखकर उनके होश गुम हो गए। उन्होंने इंजन की तरफ दौड़कर टॉर्च की रोशनी दिखाई। किसी प्रकार चालक को सावधान करते हुए गाड़ी रोकने का इशारा किया। टॉर्च की रोशनी देखकर आम्रपाली एक्सप्रेस के चालक ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर गाड़ी को रोक लिया। परंतु इंजन ने रेल पटरी पर रखे लोहे की रेल पटरी को धक्का मार नीचे गिरा दिया। रेल पटरी पर चार चार फुट के दो टुकड़े रखे गए थे। रात्रि गश्त के दौरान आरक्षी रामकिशोर वर्मा, आरक्षी सुरेंद्र कुमार सचान, आरक्षी मोहम्मद कासिम, आरक्षी शारदा प्रसाद उपाध्याय ने आम्रपाली एक्सप्रेस को रुकवा कर सतर्कता का परिचय दिया और एक बड़ी दुर्घटना होने से बच गई।

पुलिस अधीक्षक ने घटनास्थल का किया निरीक्षण-

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अधीक्षक पुष्पांजलि देवी ने गंगा घाट थाना पुलिस के साथ मौके का निरीक्षण किया और रेल पटरियों के किनारे पड़े कबाड़ को देखा। आईजी राजकीय रेलवे पुलिस लखनऊ के भी आने की चर्चाएं कानपुर गंगापुर वाया किनारा रेलवे स्टेशन के अधीक्षक ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कराया है।


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